घरघोड़ा। एक ओर सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को सुरक्षित बनाने की बात करती है, तो दूसरी ओर नगर पंचायत की लापरवाही किसानों के लिए नई मुसीबत बनती जा रही है। निजी कृषि भूमि के ठीक सामने नगर पंचायत द्वारा कचरा डंप किए जाने से एक किसान की खेती और पर्यावरण दोनों खतरे में पड़ गए हैं। अब किसान ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
घरघोड़ा नगर पंचायत वार्ड 06 के किसान अजय उरॉव, पिता प्रकाश उरॉव, ने आरोप लगाया है कि उनकी निजी कृषि भूमि खसरा क्रमांक 149/1 एवं 145/1 के सामने नगर पंचायत द्वारा घरेलू एवं प्लास्टिक कचरा, साथ ही बगमुड़ा तालाब से निकाली गई जलकुंभी और गाद बड़े पैमाने पर डंप की जा रही है। किसान का कहना है कि खेत के सामने बने इस अस्थायी कचरा डंप यार्ड से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तथा बारिश में कचरा बहकर खेत में पहुंचने से फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान ने प्रशासन से मांग की है कि खेत के सामने जमा कचरे और जलकुंभी को तत्काल हटाया जाए, भविष्य में निजी कृषि भूमि के पास कचरा फेंकने पर रोक लगाई जाए तथा इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि अन्नदाता की इस गुहार पर प्रशासन कितनी जल्दी संज्ञान लेकर राहत देता है, या फिर किसान को अपनी ही जमीन बचाने के लिए लंबी लड़ाई लडऩी पड़ेगी।
किसान की जमीन के सामने बना दिया कचरा डंप यार्ड
बेबस अन्नदाता ने लगाई न्याय की गुहार, नगर पंचायत की लापरवाही से खेती पर संकट



