रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में बीते 17 जुलाई को एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम को अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बैटरी मैकेनिक सैयद शाहिद उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहर देकर उनकी हत्या की और उसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच में सामने आया है कि गुरुवार देर रात सैयद शाहिद ने कथित तौर पर अपनी पत्नी राबिया, बेटियों शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन तथा बेटे इरशाद अली को जहर दिया। इसके बाद देर रात उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 9 बजे सैयद शाहिद घर से निकलकर वॉशरूम की ओर जाते हुए दिखाई दिया है। वहीं पुलिस के अनुसार वह शुक्रवार सुबह तक कुछ फुटेज में जीवित नजर आया। दूसरी ओर उसका बेटा भी रात करीब 1 बजे तक मोबाइल पर सक्रिय था। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस घटना की टाइमलाइन तैयार कर रही है। एसआईटी अब केवल आर्थिक तंगी के पहलू तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस सूदखोरी, सट्टेबाजी और संदिग्ध लेन-देन के एंगल पर भी पड़ताल कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो संदिग्ध सूदखोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इनमें एक टिकरापारा और दूसरा गोलबाजार क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि शाहिद ने किन-किन लोगों से कर्ज लिया था और क्या उस पर ब्याज का दबाव बनाया जा रहा था। कुछ लोगों के सट्टा कारोबार से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी अलग से जांच की जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन शाहिद कई परिचितों और दोस्तों से मिला था। उसने किसी से भी आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव या किसी धमकी का जिक्र नहीं किया। हालांकि परिचितों के अनुसार वह सामान्य बातचीत कर रहा था, लेकिन काफी उदास दिखाई दे रहा था। जांच में यह भी पता चला है कि घटना से एक दिन पहले उसके करीबी मित्र और गोलबाजार स्थित आजाद सैलून के संचालक कल्लू की सडक़ हादसे में मौत हो गई थी। शाहिद अंतिम संस्कार में भी पहुंचा था, लेकिन तब तक अंतिम संस्कार हो चुका था। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि उस दिन वह बेहद मायूस था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका है कि शाहिद ने परिवार के सदस्यों को रसगुल्लों में कीटनाशक मिलाकर खिलाया। सबसे अंत में घर लौटे बेटे को भी वही मिठाई खिलाई गई। सभी की मौत की पुष्टि करने के बाद उसने फांसी लगा ली। घटनास्थल से कीटनाशक की दो खाली शीशियां भी बरामद हुई हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने मामले में बताया कि सामूहिक मौत के मामले में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटनास्थल का फोरेंसिक टीम द्वारा मुआयना किया गया है और जब्त दस्तावेजों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। इसके अलावा मृतकों के परिजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों के बयान लिए जा रहे हैं। साथ ही कॉल डाटा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज का भी अध्ययन किया जा रहा है, ताकि मृतक साजिद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। जैसे-जैसे जांच रिपोर्ट प्राप्त होती जाएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल मृत्यु का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। एडीसीपी ने बताया कि अब तक की जांच में मृतक साजिद शुक्रवार सुबह तक सीसीटीवी फुटेज में जीवित दिखाई दिया है। वहीं उसका बेटा भी रात करीब 1 बजे तक मोबाइल पर एक्टिव था। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा।
सामूहिक मौत मामला : सूदखोरी-सट्टा एंगल की हो रही जांच
दो संदिग्ध हिरासत में, मृतक की आखिरी गतिविधि सीसीटीवी फूटेज में कैद



