रायगढ़। वित्त मंत्री विधायक रायगढ़ ओपी चौधरी ने कहा छत्तीसगढ़ सरकार ने किराएदारी के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी है। यह कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 को राज्य में लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा इस कानून का मकसद विवादों को जल्द सुलझाना है। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने पूर्व किराया नियंत्रण अधिनियम को अंग्रेजों जमाने का बताते हुए कहा इस अधिनियम से न ही किरायेदार खुश थे और न ही मकान मालिक। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस पर बहुत सारे रिफॉर्म्स करते हुए एक मॉडल एक्ट बनाया है। इस अधिनियम से आम आदमी को मिलने वाले लाभ के संबंध में ओपी चौधरी ने अवगत कराते हुए कहा अब ‘खाली कराओ’ वाली गुंडागर्दी से किराएदार परेशान नहीं होंगे। पहले या तो मकान मालिक जब चाहे किरायेदार को निकाल देता था,या फिर किरायेदार सालों तक किराया नहीं देता था। दोनों पक्षों के लाभ को दृष्टिगत रखते हुए ऐसे नियम बनाए गए है जिसके तहत लिखित एग्रीमेंट अनिवार्य होगा। इसके लागू होने से मकान मालिक को भी सुरक्षा मिलेगी वही किरायेदार को भी बेवजह घर से नहीं निकाला जाएगा। यह कानून दोनों पक्षों के मध्य भरोसा कायम करेगा। प्रदेश में लाखों मकान सिर्फ इसलिए बंद हैं क्योंकि मालिक को डर था कि एक बार किरायेदार घुस गया तो निकलेगा नहीं। मोदी जी का मॉडल एक्ट ये भय खत्म करता है। ओपी चौधरी ने बताया कि अब फास्ट ट्रैक रेंट कोर्ट बनेगा जो 60 दिन में विवाद निपटाएगा। जब मालिक को भरोसा मिलेगा तो बाजार में ज्यादा मकान किराए पर आएंगे। इसका सीधा फायदा हमारे पढऩे वाले बच्चों, नौकरी करने वाले युवाओं और ट्रांसफर वाले कर्मचारियों को होगा। किराया भी नियंत्रित होगा। वित्त मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री जी का विजन है हाउसिंग फॉर ऑल। जब किराए का कानून आसान होगा तो बिल्डर और आम लोग रेंटल हाउसिंग में निवेश करेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा, सीमेंट-सरिया की मांग बढ़ेगी, और राज्य की ळक्च् को ताकत मिलेगी। ये सिर्फ कानून नहीं बल्कि इकॉनॉमिक रिफॉर्म है।
ओपी ने भावुक होकर कहा मैं खुद एक छोटे से कस्बे से निकलकर आया हूँ। जानता हूँ कि किराए के एक कमरे का दर्द क्या होता है। और ये भी जानता हूँ कि जिंदगी भर की पूंजी से बनाया मकान जब फंस जाए तो कैसा लगता है। मोदी जी का ये मॉडल एक्ट दोनों का दर्द समझता है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा साफ है न मकान मालिक का शोषण हो, न किरायेदार बेघर हो। यही हमारा संकल्प है। राजपत्र में प्रकाशन के बाद पूरे प्रदेश में लागू होगा। डिजिटल रेंट एग्रीमेंट और जिला स्तरीय रेंट अथॉरिटी का गठन भी जल्द किया जाएगा ताकि लोगों को कचहरी के चक्कर न लगाने पड़ें।
मोदी के मॉडल रेंट एक्ट को छत्तीसगढ़ ने अपनाया, किराए दार मकान मालिकों दोनों पक्षों को मिलेगा लाभ-ओपी



