‘‘थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार एवं चौकी दोकड़ा, उपकछार एवं करडेगा के लगभग 1000 पुलिस मितानों को पुलिस मितान टी-शर्ट एवं डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित,जिले के सभी 5,012 पुलिस मितानों को चरणबद्ध तरीके से टी-शर्ट एवं डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए जा रहे हैं, प्रत्येक पुलिस मितान अपने वाहन पर क्यूआर कोड स्टिकर लगाएंगे, जिसे स्कैन कर संबंधित पुलिस मितान की आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी, पुलिस मितान सडक़ सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, टोनही प्रताडऩा, मानव तस्करी गौ तस्करी एवं अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान चलाएंगे, ग्राम कोटवारों से पुलिस मितानों के साथ समन्वय स्थापित कर गांवों में सुरक्षा एवं जनजागरूकता बढ़ाने की अपील, जनभागीदारी से ही सुरक्षित एवं समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह’’
जशपुरनगर। पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने एवं पुलिस तथा आमजन के बीच विश्वास एवं सहभागिता को मजबूत करने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक ग्राम के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक ग्राम से लगभग 10 से 11 स्वयंसेवकों को पुलिस मितान के रूप में जोड़ा गया है। वर्तमान में जिले में कुल 5,012 पुलिस मितान सक्रिय हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस एवं आम नागरिकों के बीच सेतु बनकर कानून-व्यवस्था, सडक़ सुरक्षा, साइबर जागरूकता, नशा मुक्ति तथा अन्य जनहितकारी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के मार्गदर्शन में थाना कुनकुरी, कांसाबेल, तपकरा, फरसाबहार तथा चौकी दोकड़ा, उपकछार एवं करडेगा क्षेत्र के लगभग 1000 पुलिस मितानों का सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सभी पुलिस मितानों को ‘पुलिस मितान’ टी-शर्ट एवं डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर वितरित किए गए।
पुलिस मितानों को प्रदान किए गए डिजिटल क्यूआर कोड स्टिकर उनके दोपहिया वाहनों के सामने (फ्रंट साइड) लगाए जाएंगे, कोई भी नागरिक उक्त क्यूआर कोड को अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर संबंधित पुलिस मितान का नाम, ग्राम, संपर्क नंबर तथा अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेगा, इससे ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को अपने क्षेत्र के पुलिस मितान की पहचान करने और उनसे सीधे संपर्क स्थापित करने में आसानी होगी। ग्राम में किसी भी प्रकार की आकस्मिक परिस्थिति, सडक़ दुर्घटना, आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता, कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या, संदिग्ध गतिविधि की सूचना, साइबर ठगी, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों, नशा संबंधी शिकायत, लापता व्यक्ति, प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य किसी आपात स्थिति में ग्रामीण तत्काल अपने क्षेत्र के पुलिस मितान से संपर्क कर आवश्यक सहायता, मार्गदर्शन एवं पुलिस तक त्वरित सूचना पहुंचाने का कार्य कर सकेंगे। यह डिजिटल पहल पुलिस एवं नागरिकों के बीच संवाद को और अधिक सरल, त्वरित एवं पारदर्शी बनाएगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की पहुंच बढ़ाने, सूचना तंत्र को मजबूत करने, आपातकालीन परिस्थितियों में शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने तथा सामुदायिक पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पुलिस मितान निभाएंगे सामाजिक जागरूकता एवं जनसुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस मितान योजना सामुदायिक पुलिसिंग का एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, सहयोग एवं सहभागिता लगातार मजबूत हो रही है। पुलिस मितान अपने-अपने ग्रामों में पुलिस के सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस तक पहुंचाने, सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा विभिन्न जनजागरूकता अभियानों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि सडक़ सुरक्षा के क्षेत्र में पुलिस मितानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय रहा है। विगत माह जिले के विभिन्न ग्रामों में आयोजित ग्राम सभाओं एवं सडक़ सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान पुलिस मितानों ने हेलमेट एवं सीट बेल्ट के नियमित उपयोग, यातायात नियमों के पालन, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने, ओवरस्पीडिंग से बचने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन के प्रति लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों को सडक़ दुर्घटनाओं के कारणों, उनसे बचाव के उपायों तथा दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, जिससे जनसामान्य में सडक़ सुरक्षा के प्रति सकारात्मक जागरूकता विकसित हुई। डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि पुलिस मितान सडक़ सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, टोनही प्रताडऩा, मानव तस्करी, गौ तस्करी, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध भी जनजागरूकता अभियान चलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस मितान अपने गांव का जिम्मेदार प्रहरी बनकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा किसी भी आपात अथवा आकस्मिक परिस्थिति में पुलिस और ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस मितानों की सक्रिय सहभागिता से अपराधों की रोकथाम, सडक़ दुर्घटनाओं में कमी, साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने सभी पुलिस मितानों से सेवा, समर्पण एवं संवेदनशीलता की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने तथा प्रत्येक ग्राम को सुरक्षित, जागरूक एवं नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी पुलिस मितानों ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के समक्ष सडक़ सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा सहित सभी जनहितकारी अभियानों में पूर्ण निष्ठा, जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करने तथा जशपुर पुलिस का निरंतर सहयोग करने का सामूहिक संकल्प लिया। उन्होंने अपने-अपने ग्रामों में पुलिस और जनता के बीच मजबूत सेतु बनकर समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आश्वासन दिया।
यातायात डीएसपी के.आर. चौहान ने किया प्रेरित
यातायात उप पुलिस अधीक्षक श्री के.आर. चौहान ने युवाओं एवं पुलिस मितानों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी से सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जशपुर पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राहवीर योजना की दी जानकारी, घायलों की तत्काल मदद के लिए पुलिस मितानों को किया प्रेरित डीएसपी श्री चौहान द्वारा पुलिस मितानों को ‘राहवीर योजना’ के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को *गोल्डन ऑवर* के भीतर सुरक्षित रूप से अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीर को शासन द्वारा रू.25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं सम्मान प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय किसी घायल की समय पर सहायता करना मानवता का सबसे बड़ा कार्य है, जिससे किसी की अमूल्य जान बचाई जा सकती है। उन्होंने पुलिस मितानों से अपील की कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही बिना किसी भय या संकोच के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें तथा राहवीर योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करें। विदित हो कि जशपुर पुलिस द्वारा विगत दिनों सडक़ दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले दो राहवीरों को सम्मानित किया जा चुका है। शासन के प्रावधानों के अनुसार दोनों राहवीरों को रू.25,000-रू.25,000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। डीएसपी श्री चौहान ने पुलिस मितानों से कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति दुर्घटना के समय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दे, तो अनेक अमूल्य जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने सभी से राहवीर योजना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों की निस्वार्थ सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। एसडीओपी कुनकुरी श्री विनोद मंडावी ने पुलिस मितानों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने किया प्रेरित एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी ने पुलिस मितानों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस मितान गांव और पुलिस के बीच विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने सभी पुलिस मितानों से अपने-अपने ग्रामों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस तक पहुंचाने तथा साइबर अपराध, नशा मुक्ति, महिला एवं बाल सुरक्षा, सडक़ सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस मितानों की सक्रिय सहभागिता से सामुदायिक पुलिसिंग और अधिक प्रभावी होगी तथा आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
हर पुलिस मितान अपने गांव का जिम्मेदार प्रहरी बने : एसडीओपी
एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा ने कहा कि पुलिस मितान योजना का उद्देश्य प्रत्येक गांव तक पुलिस की पहुंच को मजबूत करना तथा जनता की सहभागिता से अपराधों की रोकथाम करना है। उन्होंने पुलिस मितानों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में जनसमस्याओं की जानकारी समय-समय पर पुलिस को उपलब्ध कराएं, अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा युवाओं को कानून के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही सुरक्षित, जागरूक एवं अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के दौरान सडक़ सुरक्षा विषयक प्रस्तुतीकरण भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें दुर्घटना की स्थिति में प्राथमिक प्रतिक्रिया, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, सुरक्षित वाहन संचालन तथा जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्यों की जानकारी दी गई। अंत में सभी पुलिस मितानों ने समाज सेवा, सडक़ सुरक्षा एवं नशा मुक्त जशपुर के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में एसडीओपी कुनकुरी विनोद मंडावी, एसडीओपी जशपुर श्री चंद्रशेखर परमा, थाना प्रभारी कुनकुरी निरीक्षक राकेश यादव, थाना प्रभारी कांसाबेल निरीक्षक जितेंद्र ताम्रकार, थाना प्रभारी तपकरा निरीक्षक संदीप कौशिक, थाना प्रभारी फरसाबहार उप निरीक्षक समरेंद्र सिंह, उप निरीक्षक खोमराज ठाकुर, चौकी प्रभारी करडेगा स.उ.नि. सारथी, चौकी प्रभारी ऊपरकछार स.उ.नि. भुनेश्वर भगत सहित विभिन्न ग्राम कोटवार, पुलिस मितान एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
ग्राम कोटवारों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील
कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम कोटवारों से पुलिस मितानों के साथ समन्वय स्थापित कर टीम भावना से कार्य करने की अपील की गई। उन्हें ग्राम की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना पुलिस तक पहुंचाने तथा जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस मितानों एवं ग्राम कोटवारों के संयुक्त प्रयासों से गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।



