रायपुर। छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी के अध्यक्ष इदरीस गांधी ने प्रदेश में जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सत्र के दौरान हजारों विद्यार्थी आवश्यक दस्तावेज समय पर नहीं मिलने के कारण परेशान हो रहे हैं। इससे कॉलेजों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतें आ रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर इदरीस गांधी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर लंबित आवेदनों का जल्द निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवेदकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध हो सकें। गांधी ने कहा कि, शिक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक देरी विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए, क्योंकि यह विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के साथ-साथ उनके संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा विषय है।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही है। कई छात्र केवल आवश्यक प्रमाण पत्र समय पर नहीं मिलने के कारण प्रवेश और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से वंचित हो रहे हैं।
उर्दू अकादमी अध्यक्ष ने सीएम साय को लिखा पत्र
लंबित प्रमाण पत्रों के जल्द निराकरण की मांग



