रायगढ़. महिला पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य, सम्मान और कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने एक अपूर्व पहल करते हुए मासिक धर्म स्वच्छता पर कार्यशाला का आयोजन कर महिलाओं को वैज्ञानिक जानकारी व सम्मानजनक प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई।
उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस लाइन उर्दना में जिला पुलिस रायगढ़ और ‘आगाज -एक नई पहल’ संस्था ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) विषय पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का अयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना, इससे जुड़ी भ्रांतियां दूर करना, सुरक्षित एवं सम्मानजनक स्वच्छता प्रबंधन को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण-अनुकूल सेनेटरी अपशिष्ट निस्तारण की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों के स्वागत से हुई। जिला स्वच्छता मिशन की नोडल अधिकारी मोनिका इजारदार ने मासिक धर्म से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और सुरक्षित मासिक धर्म प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को दैनिक जीवन एवं कार्यस्थल पर अपनाई जाने वाली स्वच्छ आदतों के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डीएसपी उन्नति ठाकुर ने महिला पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के साथ-साथ कार्यस्थल पर गरिमा बनाए रखने, सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव तथा पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही बेहतर कार्यक्षमता और आत्मविश्वास की आधारशिला है। कार्यशाला में “आगाज़-एक नई पहल” संस्था की मोनिका इजारदार, जय कुमार चौहान, प्रकाश जायसवाल, राजेन्द्र साहू, निशि चंदेल सहित शहर एवं जिले के विभिन्न थानों से आई महिला पुलिसकर्मियों की सहभागिता रही। सभी ने मासिक धर्म स्वच्छता, सम्मान और जागरूकता को समाज तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प किया।
महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता कार्यशाला आयोजित
कार्यशाला में वैज्ञानिक जानकारी व सम्मानजनक प्रबंधन के सिखाया गुर



