रायगढ़। जेल में बंद एक बंदी की शनिवार को तबीयत बिगडऩे पर उपचार के दौरान मेडिकल कालेज अस्पताल में मौत हो गई थी, जिसकी जानकारी मिलने के बाद जमकर हंगाम हुआ, वहीं रविवार को परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी आफिस पहुंच कर निष्पक्ष जांच की मांग किया और अश्वासन मिलने के बाद शाम को पोस्टमार्टम कराया गया।
उल्लेखनीय है कि ग्राम नवापारा निवासी संजय बघेल पिता प्यारे लाल बघेल (30 वर्ष) को विगत 10 जून को कोतरारोड पुलिस ने शराब मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया था। जिसकी तबीयत बिगडऩे से शुक्रवार से ही परेशान था। ऐसे में जेल प्रबंधन द्वारा शनिवार को सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डाक्टरों द्वारा उपचार के बाद उसे फिर से जेल भेज दिया। इस दौरान कुछ ही घंटे बाद उसकी तबीयत ज्यादा नाजूक होने पर दोबारा मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर गए, जहां कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी होने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने शनिवार को देर शाम तक अस्पताल में हंगामा मचाया था, जिससे उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। वहीं रविवार को सुबह से ही ग्रामीणों के साथ परिजन एसपी आफिस पहुंच कर युवक के मौत मारपीट से होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग करने लगे थे। ऐसे में पुलिस अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया कि अगर युवक के साथ मारपीट हुई है तो उसकी गहनता से जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसके बाद परिजन व ग्रामीण दोपहर में मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी नहीं होने से फिर से भडक़ गए, जिसको लेकर घंटों तक यहां शोर-शराबा होता रहा। ऐसे में दोपहर बाद जब तहसीलदार शिव डनसेना के पहुंचने के बाद उनकी मौजूदगी में मर्ग कायम हुआ और पोस्टमार्टम कराया गया।
बंदी को मौत हो लेकर शहर में पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल बना हुआ था। इस दौरान मृतक के गांव से सरपंच सहित पूरे ग्रामीण वाहनों में भरकर रायगढ़ पहुंचे थे, जहां पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया। उसके बाद सभी ग्रामीण मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंच गए, यहां ग्रामीणों की उग्रता को देखते हुए पुलिस अधिकारी भी पूरे दिन मौजूद रहे और ग्रामीणों को उच्चस्तरीय जांच का आश्वासन देेते हुए शांत कराने का प्रयास करते रहे।
परिजन लगाए मारपीट का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि संजय बघेल पूरी तरह से स्वास्थ था, ऐसे में जब वह जेल दाखिल हुआ है तो उसके साथ जमकर मारपीट की गई है। जिससे तबीयत बिगडऩे से मौत हुई है। साथ ही भी कहा जा रहा है कि मृतक के पीठ में गंभीर चोट के निशान भी थे, लेकिन उसके बाद भी यह कहा जा रहा है कि कोई मारपीट नहीं हुई है। इसी बात को लेकर दो दिनों तक चले हंगामे के बाद रविवार को आश्वासन मिलने पर पोस्टमर्टम कराया गया है।
प्रधान आरक्षक व आरक्षक लाईन अटैच
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक के साथ मारपीट हुई है या नहीं यह तो जांच का विषय है, लेकिन परिजनों के आरोप को ध्यान में रखते हुए जेल से सीसीटीवी फुटेज मंगाई गई है। साथ ही अब पीएम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच की जाएगी, इसके बाद ही सही कारण सामने आ सकेगा। वहीं मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जांच रिपोर्ट आने तक कोतरारोड थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक श्याम साहू व आरक्षक शंभू चौहान को लाईन अटैच किया गया है।



