खरसिया। आगामी खरीफ सीजन के दौरान अन्नदाताओं को सही कीमत और पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक (खाद) उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सरकार की किसान-हितैषी सोच को धरातल पर उतारते हुए माननीय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भण्डारण करने वालों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज करने के अत्यंत सख्त निर्देश जारी किए हैं। ?कलेक्टर के इसी कड़े रुख के अनुपालन में अनुविभागीय दण्डाधिकारी खरसिया श्री प्रवीण तिवारी ने विकासखण्ड स्तर पर गठित ‘उडऩदस्ता दल’ को तत्काल प्रभाव से फील्ड पर उतार दिया है। टीम को औचक निरीक्षण करने और गड़बड़ी पाए जाने पर बिना किसी रियायत के सीधे जेल भेजने जैसी वैधानिक कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। ?एक्शन में खरसिया का उडऩदस्ता दल ?अवैध गतिविधियों की सघन जांच के लिए गठित इस विशेष टीम में कार्यपालिक दण्डाधिकारी श्री संदीप राजपूत (तहसीलदार, खरसिया 9818069610), वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री नीलाम्बर प्रसाद सिदार (99773-62938) और उर्वरक निरीक्षक श्री जन्मेजय पटेल (81208-80118) एवं श्री पुरुषोत्तम चौधरी (95220-44027) शामिल हैं, जो क्षेत्र में लगातार दबिश दे रहे हैं।
प्रशासन की सख्त हिदायत इन 6 नियमों का पालन है अनिवार्य
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसानों को परेशान करने वाले व्यापारियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ?जबरन टैगिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लाइसेंस होगा रद्द कोई भी निजी खाद विक्रेता किसानों को उर्वरक के साथ किसी भी अन्य सामग्री (जैसे- सूक्ष्म पोषक तत्व, कीटनाशी, वृद्धिकारक हार्मोन आदि) को जबरन खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। ऐसा करने पर व्यापारिक लाइसेंस तत्काल निरस्त होगा। मशीन और वास्तविक स्टॉक का मिलान: दुकान की पी.ओ.एस. मशीन में दर्ज खाद की मात्रा और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक भौतिक मात्रा का कड़ाई से मिलान किया जाएगा। किसी भी प्रकार की भिन्नता पर दण्डात्मक कार्रवाई होगी। मूल्य एवं स्टॉक का पारदर्शी प्रदर्शन प्रत्येक विक्रेता को अपनी दुकान के सामने उपलब्ध खाद के स्टॉक और शासन द्वारा तय की गई दर (मूल्य सूची) को बड़े अक्षरों में प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
कृषक विवरण पंजी (रजिस्टर) की जाँच सभी निजी विक्रेताओं के लिए खाद खरीदने वाले किसान का नाम, उनका व्यक्तिगत विवरण, भूमि का विवरण और दी गई खाद की मात्रा का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है। ?थोक से फुटकर वितरण की सघन ट्रैकिंग थोक व्यापारियों द्वारा फुटकर व्यापारियों को सप्लाई की जा रही खाद की मात्रा पर प्रशासन पैनी नजर रख रहा है।
औद्योगिक व्यपवर्तन पर सख्त पहरा
कृषि कार्य के लिए सब्सिडी पर मिलने वाले उर्वरक का गैर-कृषि कार्यों (जैसे- प्लाईवुड उद्योग, पशु आहार निर्माण आदि) में अवैध उपयोग रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों का भी औचक निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी तत्काल जेल एसडीएम खरसिया ने साफ किया है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भण्डारण या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने वाले व्यापारियों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सीधे पुलिस में दर्ज कराई जाएगी और मामला सीधे न्यायालय भेजा जाएगा।
किसानों से अपील सजग रहें, तुरंत करें शिकायत
प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों से अनुरोध किया है कि यदि कोई भी निजी विक्रेता खाद देने में आनाकानी करता है, कालाबाजारी करता है, या तय दाम से ज्यादा पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत तुरंत उडऩदस्ता दल के दिए गए नंबरों पर या विकासखण्ड कार्यालय में दर्ज कराएं। दोषियों पर त्वरित और सख्त से सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।



