नारायणपुर। चराईडाँड़-बतौली स्टेट हाईवे मार्ग पर बुधवार को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। नारायणपुर के कपरिनाला मोड़ के पास तेज रफ्तार से दौड़ रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सडक़ से उछलते हुए खेत में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार सडक़ छोडऩे के बाद करीब तीन फीट तक हवा में उछली और फिर दो से तीन बार पलटते हुए खेत में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए, लेकिन चमत्कारिक रूप से चालक की जान बच गई और उसे केवल हल्की चोटें आईं।
घटना के समय स्टेट हाईवे पर सामान्य आवागमन जारी था। अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और लोगों की नजरें सडक़ की ओर दौड़ पड़ीं। देखते ही देखते एक कार सडक़ से नीचे खेत में पलटती नजर आई। वाहन के गिरते ही उसमें से धुआं निकलने लगा, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों को आशंका थी कि कहीं वाहन में आग न लग जाए और चालक की जान खतरे में न पड़ जाए। मौके पर मौजूद ग्रामीण बिना देर किए घटनास्थल की ओर दौड़े। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और चालक अंदर फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह वाहन का दरवाजा खोला और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्घटनाग्रस्त कार क्रमांक ष्टत्र 24 क्र 5906 का चालक जॉनसन टोप्पो, पिता विक्टोर टोप्पो, निवासी घोलेंगे बताया जा रहा है। जॉनसन ने बताया कि वह सन्ना में अपनी बहन से मिलने गया था और वापस बगीचा-नारायणपुर-जशपुर मार्ग से अपने गांव घोलेंगे लौट रहा था। इसी दौरान कपरिनाला मोड़ के पास वाहन का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी अधिक थी। जैसे ही वाहन मोड़ पर पहुंचा, चालक नियंत्रण खो बैठा और गाड़ वाल को तोड़ते कार सीधे सडक़ से नीचे जा गिरी। लोगों ने बताया कि कार इतनी तेजी से पलटी कि कुछ क्षणों के लिए लगा कि चालक का बच पाना मुश्किल है। लेकिन जब चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया और वह बातचीत करता नजर आया तो लोगों ने राहत की सांस ली। हादसे की खबर कुछ ही देर में पूरे क्षेत्र में फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और राहगीर मौके पर जुट गए। दुर्घटनास्थल पर जमा लोगों के बीच चर्चा का विषय यही था कि इतनी भयानक दुर्घटना के बावजूद चालक को गंभीर चोट नहीं आई। कई लोगों ने इसे ईश्वर की कृपा और चालक की किस्मत बताया। सूचना मिलते ही नारायणपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लिया और आगे की जांच शुरू कर दी। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर कपरिनाला मोड़ की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मोड़ पर लोक निर्माण विभाग द्वारा न तो किसी प्रकार का चेतावनी संकेतक लगाया गया है और न ही रिफ्लेक्टर अथवा सुरक्षा बैरियर की व्यवस्था की गई है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले वाहन चालकों को अचानक मोड़ का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी इस स्थान पर कई छोटे-बड़े सडक़ हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। फिलहाल हादसे में चालक सुरक्षित है, लेकिन कपरिनाला मोड़ पर हुई यह दुर्घटना एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर सडक़ सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम कब किए जाएंगे और कब तक लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से गुजरते रहेंगे।
मौत को मात देकर लौटा चालक, हवा में उछली कार, तीन पलटियां खाते हुए खेत में गिरी



