रायगढ़। शहर के हृदय स्थल को मरीन ड्राइव से जोडऩे वाली बहुप्रतीक्षित कैनाल लिंक रोड परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। रोड निर्माण के आड़े आ रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अलसुबह पुलिस प्रशासन के साथ 10 जेसीबी वाहन लेकर जोगीडिपा क्षेत्र में पहुंची थी, जहां कार्रवाई करते हुए पहले फेज में 29 अवैध झोपड़ीनुमा मकान को ध्वस्त किया गया। वहीं बाकी चार मकानों को भी तोडऩे की प्रक्रिया जारी है।
उल्लेखनीय है कि शहरी क्षेत्रों में लगने वाले जाम की समस्या को कम करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा शहर के बाहरी क्षेत्रों में सडक़ निर्माण का काम शुरू कर दिया है। हालांकि इस सडक़ निर्माण से शहरी क्षेत्रों में लगने वाले जाम से मुक्ति तो नहीं मिलेगी, लेकिन गरीबों का आशियाना जरूर ध्वस्त हो रहा है। ऐसे में पिछले साल जहां शहर के प्रगति नगर के रहवासियों को हटाकर मरीन ड्राइव का निर्माण किया गया था तो वहीं अब इस साल शहर के सालो पुरानी जोगीडीपा मोहल्ले को उजाड़ा जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मोहल्ला राजा भूपदेव सिंह के समय से बसा हुआ था, जिससे यहां के लोगों की इन झोपडिय़ों में इनकी पुरानी यादे सिमटी थी। लेकिन शहर प्रशासन द्वारा केवड़ाबाडी चौक से मरीन ड्राइव तक लिंक रोड निर्माण के लिए विगत कुछ ही दिन पहले प्रस्ताव पारित किया गया था। जिसके लिए नगर निगम द्वारा विगत 23 मई को 33 मकान मालिकों को घर खाली करने का नोटिस जारी किया गया, इसके बाद प्रभावित लोगों को आनन-फानन में सूर्या विहार कालोनी में आवस आबंटित कर चरणबद्ध तरीके से शिफ्ट कराते हुए इनके सामानों को वहां पहुंया गया था, लेकिन इनकी यादें यहां से जुड़ी होने के कारण वहां रहने के बजाय अपने झोपड़ी में रह रहे थे। ऐसे में मंगलवार को सुबह करीब 6 बजे एकाएक प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे और मकानों में तोड़-फोड़ शुरू कर दिया। इससे पहले फेज में 29 मकानों को ढहाया गया है। वहंीं बाकी मकानों को भी एक-दो दिनों के अंदर में तोडकऱ लिंक रोड बनाने का काम शुरू किया जाएगा। कार्रवाई के बाद जोगीडिपा का नजारा बेहद भावुक करने वाला था। बरसों पुराना आशियाना ढह जाने के बाद उनकी आंखों में आशु आ गए थे। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई थमने के बाद कई प्रभावित लोग मलबे के ढेर में पुरानी यादें ढूंढते नजर आए। इस दौरान प्रशासन का विरोध न करते हुए भी इनकी आंखे नम रही। वहंी लोगों का कहना था कि जिस झोपड़ी में हम पैदा होकर बड़े हुए और यही से हमारा रोजी-रोटी चल रहा था, आज वही हमारे आंखों के सामने जमीदोह हो रहा है।
18 मीटर चौड़ी सडक़ का होगा निर्माण
तहसीलदार शिवकुमार डनसेना ने बताया कि, जोगीडीपा क्षेत्र में प्रस्तावित केनाल लिंक रोड के लिए प्रभावित परिवारों का पुनर्वास पहले ही किया जा चुका है। पहले चरण में 29 मकानों को हटाया गया है। परियोजना के तहत यहां लगभग 18 मीटर चौड़ी सडक़ का निर्माण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण की कार्रवाई के लिए आगे की प्रक्रिया जारी है।
500 से अधिक जवान रहे तैनात
उल्लेखनीय है कि लोगों के पुराना आशियाना उजाडऩे के लिए प्रशासनिक टीम पहले से पूरी तैयारी कर ली थी, ताकि इसका विरोध न हो, इसके बाद भी सोमवार रात से ही पुलिस जवानों का आना शुरू हो गया था। इसके लिए बिलासपुर रेंज के कोरबा, जांजगीर, शक्ति, रायगढ़ व 6वीं बटालियन के करीब 500 से अधिक पुलिस पुरी मुस्तैदी के साथ जोगीडीपा पहुंची थी, ताकि अगर कोई विरोध भी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रगतिनगर में हुए तोडफ़ोड़ के विरोध को देखते हुए इस बार बेहतर तैयारी की गई थी।
22.55 करोड़ से तैयार हो रहा लिंक रोड
शहर के जोगीडिपा में की गई यह कार्रवाई शहर के विकास के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। इस जगह से अतिक्रमण हटने के बाद अब कैनाल लिंक रोड का निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो सकेगा। इसके लिए 22.55 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इस मार्ग के बनने के बाद केवड़ाबाड़ी चौक से मरीन ड्राइव जाने के लिए लोग शहर के बहर से ही निकल जाएंगे, जिससे जाम व अन्य समस्या से मुक्ति मिलेगी।



