रायगढ़। जिले में एनआरव्हीएस स्टील लिमिटेड प्लांट से 300 किलो एसएस स्क्रैप पाइप चोरी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश के नीचे छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला था। सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार एनआरवीएस स्टील लिमिटेड के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने शनिवार रात पूंजीपथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड की जांच के दौरान लगभग 300 किलो एसएस स्क्रैप पाइप गायब मिला। चोरी हुए पाइप की कीमत करीब 1 लाख 8 हजार रुपए आंकी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने प्लांट कर्मचारियों से पूछताछ की। इसी बीच सूचना मिली कि चोरी किया गया एसएस पाइप जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है। कुछ लोग उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने प्लांट के पीछे घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कंपनी के किल्न से निकाले गए खराब एसएस पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) के भीतर छिपाकर प्लांट से बाहर निकालने की योजना बनाई गई थी।
योजना के तहत प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर बृज कुमार खटकर (26), निवासी ग्वालिनडीह ने जेसीबी की मदद से स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश में दबा दिया। इसके बाद प्लांट के लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप (24), निवासी रूगदा ने पाइप को ट्रेलर में लोड किया और उसके ऊपर फ्लाई ऐश भर दी, जिससे चोरी का माल छिपा रहे।
चोरी के बाद जंगल में छिपाया माल
ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा (23), निवासी सेहदा, झारखंड चोरी के माल को प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र ले गया, जहां उसे छिपाकर रखा गया। बाद में करन श्रीवास (22), निवासी गेरवानी और राजेश पटेल (21), निवासी बगबुड़ा ने ईको वाहन की मदद से पाइप को तराईमाल जंगल में ले जाकर छिपा दिया। आरोपियों ने बताया कि वे मौका मिलने पर चोरी के माल को बेचकर रकम आपस में बांटने वाले थे।
9 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तराईमाल जंगल से 300 किलो एसएस स्क्रैप पाइप बरामद कर लिया। साथ ही चोरी में इस्तेमाल ईको वाहन भी जब्त किया गया। पुलिस ने 1.08 लाख रुपए के पाइप और 8 लाख रुपए कीमत के वाहन सहित कुल 9.08 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत से होने वाले अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। मामले में आगे की जांच की जा रही है।



