रायगढ़। ग्राम पंचायत लोहरसिंह में विगत पांच साल पहले शुरू की गई पानी टंकी निर्माण योजना आज भी अधूरी पड़ी है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी नल जल योजना के उद्देश्यों को बेअसर साबित कर रही है, जिसका लक्ष्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर ग्राम पंचायत लोहरसिंह में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विगत पांच वर्ष पूर्व एक पानी टंकी के निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस योजना के तहत गांव के हर घर तक पाईप लाइन का विस्तार कर पानी पहुंचाना था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और विभागीय उदासीनता के चलते अभी तक न तो पानी टंकी का निर्माण पूरा हो सका और न ही पूरी तरह से पाइन लाइन का विस्तार हो सका है। वहीं कुछ जगहों में पिछले साल पाइप लाईन का विस्तार हुआ भी था, लेकिन पानी टंकी अधूरी होने के कारण नल जल योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे निर्माण के कारण हर साल गर्मी शुरू होते ही गांव में पानी समस्या बढ़ जाता है, वहीं इस बार तो अप्रैल माह में ही ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए पांच बोर में से तीन बोर पूरी तरह से सूख गए थे, जिससे दो बोर के सहारे ही पानी की सप्लाई की जा रही थी, लेकिन इससे सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में अब ग्रामीणों को प्रायवेट बोर पर निर्भर रहना पड़ रहा है, वहीं कई बार तो निजी बोर मालिक द्वारा यह भी बोल दिया जाता है कि बोर अपने लिए लगाए हैं, जिससे काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लोहरसिंह में पानी टंकी का अधूरा निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें पेयजल संकट से मुक्ति मिल सके।
तीन हजार लोग हो रहे प्रभावित
उल्लेखनीय है कि लोहरसिंह गांव में तीन हजार की जनसंख्या है, जो विगत दो माह से परेशान हो रहे हैं, साथ ही जब तक बरसात शुरू नहीं हो जाती तब तक यहां पानी की समस्या बनी रहती है। वहीं पिछले साल भी यही स्थिति उत्पन्न होने पर खेत के बोर से टैंकर से पानी पहुंचाया गया था, लेकिन इस साल पंचायत द्वारा दो-तीन बोर को सुधार कर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन घर-घर तक पानी अभी भी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में पंचायत के बोर से सिर्फ पानी टंकी को भरा जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को टंकी से पानी ढोकर नहाने व पीने के लिए उपयोग करना पड़ रहा है।
शिकायत का भी असर नहीं
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां पानी टंकी का निर्माण कछुआ गति से चल रहा है। जिसको लेकर लगातार शिकायत भी की जाती रही है, लेकिन उसके बाद माहभर काम चलता है फिर एक साल के लिए बंद हो जाता है। यही कारण है कि पांच साल बाद भी टंकी तैयार नहीं हो पाया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार को शिकायत करने पर उसके द्वारा कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। वहीं गांव का सरपंच कामता गुप्ता ने बताया कि पानी टंकी निर्माण के लिए ठेकेदार को कई बार सूचना दी गई है और कलेक्टर को भी लिखित में दिया गया है। इसके बाद भी निर्माण को लेकर कोई पहल नहीं हो रहा है। जिसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
योजना पर लग रहा बट्टा
ग्रामीणों की मानें तो एक तरफ शासन द्वारा नल-जल योजना को लेकर जोरों से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, तो वहीं यह योजना अब सफेद हाथी साबित होने लगा है, क्योंकि लोहरसिंह में पानी की समस्या को देखते हुए विगत पांच साल पहले योजना के तहत पानी टंकी तैयार होना था, लेकिन इतने दिन बित जाने के बाद भी यह टंकी अधूरी पड़ी है। जिसे बनाने के लिए न तो जिला प्रशासन ध्यान दे रहा और न ही संबंधित ठेकेदार, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।



