जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी शिक्षक को फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर अपनी बेटी को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत मुफ्त प्रवेश दिलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में पता चला कि शिक्षक की असली वार्षिक आय 6.79 लाख रुपए थी, लेकिन उसने केवल 75 हजार रुपए दिखाकर योजना का गलत तरीके से लाभ लिया।
डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर गलत जानकारी दी और सरकार की जनकल्याणकारी योजना का गलत फायदा उठाया।
पुलिस के अनुसार, कांसाबेल के शांति नगर निवासी ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा (43) ने पत्थलगांव थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम जामझोर, तहसील पत्थलगांव के रहने वाले सरकारी शिक्षक चमर साय पैकरा ने अपनी असली आय छिपाई। उसने केवल 75 हजार रुपए वार्षिक आय दिखाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया और गलत शपथ पत्र भी जमा किया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर चमर साय पैकरा ने अपनी बेटी का शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना के तहत कक्षा 6वीं में नि:शुल्क प्रवेश करवा दिया था।
शिकायत मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिले वेतन रिकॉर्ड में सामने आया कि आरोपी की असली वार्षिक आय करीब 6 लाख 79 हजार 471 रुपए है। आदिवासी विकास विभाग और अन्य दस्तावेजों से यह भी साफ हुआ कि आरोपी ने खुद को किसान बताकर अपनी आय छिपाई और गलत जानकारी देकर इस योजना का गलत फायदा उठाया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के इस काम की वजह से योजना का असली फायदा उन गरीब और होनहार छात्रों को नहीं मिल पाया, जिनके लिए यह योजना बनाई गई थी। ऐसे छात्रों के हक पर गलत तरीके से कब्जा कर लिया गया और सरकारी योजना का दुरुपयोग किया गया। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पत्थलगांव थाने में मामला दर्ज किया गया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस बनाया गया। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने चमर साय पैकरा (41) को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं में किसी भी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाभ लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि पात्र लोगों के अधिकारों से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
टीचर ने बनवाया फेक सर्टिफिकेट, योजना का लिया लाभ, गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज से बेटी का उत्कर्ष योजना से कराया नि:शुल्क एडमिशन, पत्थलगांव पुलिस की कार्रवाइ



