जनसमस्या निवारण शिविरों में मौके पर बन रहे आयुष्मान कार्ड, इलाज की चिंता से मिल रही राहत
5 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा से जुड़ रहे हजारों परिवार
वनांचल क्षेत्रों में भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही स्वास्थ्य योजनाएं
रायगढ़। सुशासन तिहार के तहत जिलेभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के जीवन में भरोसे और राहत की नई उम्मीद बनकर सामने आ रहे हैं। प्रशासन एक ओर जहां लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे जोडऩे का काम भी तेजी से किया जा रहा है। जिले के मैदानी और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहे इन शिविरों में आयुष्मान कार्ड निर्माण, महतारी वंदन योजना के लिए ई-केवाईसी, आधार कार्ड निर्माण तथा अन्य आवश्यक सेवाएं मौके पर ही दी जा रही हैं। विशेष बात यह है कि जिन हितग्राहियों का किसी कारणवश अब तक आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाया था, उन्हें पात्रतानुसार कार्ड बनाकर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही हैै।
लैलूंगा विकासखंड के ग्राम झगरपुर में आयोजित शिविर इसका जीवंत उदाहरण देखने को मिला। यहां पहुंची हिमांशी प्रधान को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी दी। योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार देशभर के चिन्हांकित सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। जानकारी मिलते ही हिमांशी प्रधान ने तुरंत अपना और अपने बच्चे का आयुष्मान कार्ड बनवाया। इसी तरह लक्ष्मी राठिया ने भी आयुष्मान कार्ड बनवाकर स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की। बड़ी संख्या में ग्रामीण योजना से जुड़ रहे हैं और जरूरत पडऩे पर बेहतर इलाज की सुविधा का भरोसा पा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए 10 लाख 65 हजार हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 10 लाख से अधिक लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। शेष पात्र हितग्राहियों को भी सुशासन तिहार के माध्यम से चिन्हित कर योजना से जोड़ा जा रहा है।



