सारंगढ़। जिले की कानून व्यवस्था व अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक एवं वैज्ञानिक स्वरूप देने की दिशा में सारंगढ़ को बड़ी सौगात मिली। इस कार्यक्रम में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू, जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी वरिष्ठ अधिवक्ता और अधिवक्ता गण ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी ने कहा कि – आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन सटीक विवेचना व त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन द्वारा जिले को यह हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। लैब ऑन व्हील्स सुविधा से सुसज्जित यह यूनिट अब घटना स्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी। इस अवसर पर जिपं अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा कि मुख्य मंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस एवं न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की शुरुआत से अपराध जांच प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। इस प्रयोग शाला से सारंगढ़ जिले की पुलिस के लिए जांच व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अब अधिकांश वैज्ञानिक परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव होने से जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीडि़तों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
एडिशनल एसपी निमिषा पांडे ने इसे पुलिस आधुनिकी करण की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला और डायल 112 के लिए 10 आधुनिक ईआरवी वाहन मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुडऩे से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया मजबूत होगी। अधिवक्ता तिवारी ने बताया कि नए आपराधिक कानून के तहत अब गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी अनिवार्य हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण कर सकेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक तकनीकों और लैब ऑन व्हील्ससुविधा से सुसज्जित है। जिसके माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच,साक्ष्य
संकलन, डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकेगा। एसडीओपी साहू ने बताया कि वैन में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर, सैंपल कलेक्शन लैब, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, बुलेट होल एवं जीएसआर जांच किट, दस्तावेजी करण उपकरण तथा जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटना स्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे,जो अपराधी के खिलाफ मजबूत अभियोजन तैयार करने में मददगार साबित होंगे।
लैब ऑन व्हील्स से सारंगढ़ पुलिसिंग को मिलेगी ताकत
साक्ष्य संकलन, डिजिटल जांच होगी तेज



