जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर का लोकार्पण भी किया। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रहीं। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। आकर्षक सजावट और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्यमंत्री ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महादेव की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोडऩे तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम भी होते हैं। हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देती है। उन्होंने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को आपसी भाईचारे से जोड़ते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन एवं सूर्य नमस्कार की मुद्राओं कि प्रतिकृति निर्माण की भी घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान श्री राम के दर्शन करा चुकी है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बताया कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा।
इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढक़र 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध होंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी और अधिक सरल होगी।
इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



