सरसिवा। बदलते दौर में आत्मरक्षा अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि हर बच्चे और युवा के लिए जरूरी कौशल बन चुकी है। इसी सोच को साकार करने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सरसिवा में भव्य ग्रीष्मकालीन कराटे प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 1 मई से प्रारंभ हुआ यह शिविर 21 मई तक संचालित होगा, जिसमें क्षेत्र के दर्जनों बच्चे और युवा पूरे उत्साह के साथ कराटे की बारीकियां सीख रहे हैं।
शिविर का मुख्य आकर्षण क्षेत्र के चर्चित कराटे प्रशिक्षक राजेश नायक और गुड्डू यादव हैं, जो अपनी बेहतरीन प्रशिक्षण शैली के लिए पहचाने जाते हैं। दोनों प्रशिक्षक बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती भी विकसित कर रहे हैं। उनके साथ सहायक प्रशिक्षक प्रिंस यादव, हिमेश विश्वकर्मा, साकेत सिंह ठाकुर और बेबी कुर्रे भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पूरी टीम बच्चों को व्यवस्थित और तकनीकी प्रशिक्षण देने में जुटी हुई है।
स्कूलों में भी दिखा चुके हैं अपनी ट्रेनिंग का दम-
राजेश नायक और उनकी टीम इससे पहले क्षेत्र के कई प्रमुख स्कूलों में छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दे चुकी है। हाल ही में बचपन स्कूल सरसिवा में आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर में इनके प्रशिक्षण को पालकों और स्कूल प्रबंधन ने खूब सराहा था। इसी सफलता के बाद अब खेल विभाग ने इस प्रशिक्षण को व्यापक स्तर पर आयोजित किया है।
पंच, किक और ब्लॉक के साथ आत्मसंयम का पाठ-
प्रशिक्षकों ने बताया कि कराटे केवल लड़ाई की कला नहीं, बल्कि आत्मनियंत्रण, एकाग्रता और विपरीत परिस्थितियों में खुद की सुरक्षा का प्रभावी माध्यम है। शिविर में बच्चों को पंच, किक, ब्लॉक, काता सहित आत्मरक्षा के कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पालकों में उत्साह, बच्चों में जोश-
भीषण गर्मी के बावजूद सुबह और शाम आयोजित हो रहे इस शिविर में बच्चों की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। पालकों का कहना है कि मोबाइल और टीवी से दूर रहकर बच्चे खेल और आत्मरक्षा जैसे उपयोगी कौशल सीख रहे हैं, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 21 मई को शिविर के समापन अवसर पर बच्चों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।



