रायगढ़। क्षेत्र में इन दिनों शराब की अवैध बिक्री का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां शासकीय शराब दुकानों में बीयर का स्टॉक समाप्त बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के ढाबों और अन्य स्थानों पर वही बीयर खुलेआम ऊंचे दामों पर बेची जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही शराब दुकान में लगभग ढाई सौ पेटी बीयर की बिक्री हो चुकी है, जिसके बाद अब दुकान में स्टॉक खत्म हो गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि यही बीयर अब शहर के अलग-अलग स्थानों पर 500 से 600 रुपये तक में बेची जा रही है, वह भी बाहरी व्यक्तियों को प्राथमिकता देते हुए। सूत्रों के अनुसार, अवैध शराब विक्रेता (कोचिए) इस स्थिति का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। दुकानों में स्टॉक खत्म होने के बाद ये लोग ढाबों और गुप्त ठिकानों से शराब ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। आम उपभोक्ता मजबूरी में अधिक कीमत चुकाने को विवश हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह पूरा खेल आबकारी विभाग की अनदेखी या मौन सहमति से संचालित हो रहा है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग सक्रिय होता, तो इस तरह की अवैध बिक्री संभव नहीं थी। विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह अवैध कारोबार और भी फैल सकता है।
यह सवाल अब आम चर्चा का विषय बन चुका है। जब अधिकृत दुकानों में बीयर उपलब्ध नहीं है, तो शहर में इतनी मात्रा में शराब कहां से पहुंच रही है? इस पर विभाग का कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाता है।
धरमजयगढ़ में शराब की कालाबाजारी, स्टॉक खत्म
इधर स्टाक खत्म उधर ऊंचे दाम पर बिक रही ब्रांडेड शराब, आबकारी विभाग पर उठे सवाल!



