रायगढ़। विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कर जारी संदेश में कहा वैशाख पूर्णिमा का यह पवित्र दिन महात्मा बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का त्रिविध संगम है। भगवान बुद्ध ने सम्पूर्ण विश्व को करुणा, शांति, अहिंसा, समता और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। जब मनुष्य अंतर्मन से शुद्ध होता है, तब वह स्वयमेव बुद्ध होता है।’* भगवान बुद्ध का यह दर्शन हमें सिखाता है कि बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि मन की पवित्रता, विचारों की शुद्धता और आचरण की निर्मलता ही सच्चा धर्म है। बुद्ध के मार्ग पर चलने की अपील करते हुए श्री चौधरी ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुई कहा भगवान बुद्ध द्वारा सिखाये गये अष्टांगिक मार्ग – सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाणी, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक प्रयास, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि को अपने जीवन में उतारें। आज जब विश्व अशांति, हिंसा और वैमनस्य से जूझ रहा है, तब तथागत बुद्ध का अप्प दीपो भव’ यानी अपना दीपक स्वयं बनो का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो गया है। हमें पंचशील – अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह* के सिद्धांतों को अपनाकर समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव फैलाना है। छत्तीसगढ़ की भूमि से बुद्ध का नाता बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी बौद्ध संस्कृति से जुड़ी रही है। सिरपुर की पुरातात्विक धरोहर इसका प्रमाण है। राज्य सरकार भगवान बुद्ध के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और बौद्ध पर्यटन स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस बुद्ध पूर्णिमा पर हम संकल्प लें कि क्रोध को क्षमा से, घृणा को प्रेम से, और हिंसा को करुणा से जीतेंगे । तथागत बुद्ध के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और ज्ञान के प्रकाश की कामना की।



