रायगढ़। जिले में एक युवक ने ट्रेलर वाहन को किराए पर लिया और बाद में उसे रायपुर में बेच दिया। आरोपी ने फर्जी नाम और पहचान का इस्तेमाल कर वाहन मालिक के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार, गोरखा के 55 वर्षीय हरदीप सिंह ने कोतरा रोड थाना में शिकायत दर्ज कराई है। करीब दो साल पहले उनके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया था, जिसने अपना नाम राकेश डनसेना बताया और ट्रेलर वाहन किराए पर लेने की बात कही। दोनों के बीच बातचीत के बाद वाहन का मासिक किराया 80 हजार रुपए तय हुआ। इसके बाद 7 नवंबर 2024 को किरायानामा तैयार कर वाहन सौंप दिया गया। आरोपी ने सुरक्षा के तौर पर एचडीएफसी बैंक का एक खाली चेक भी दिया, जिस पर केवल ‘राकेश’ लिखा हुआ था। कुछ दिनों बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया और न तो किराया दिया और न ही वाहन वापस किया। इससे हरदीप सिंह को शक हुआ और उन्होंने खुद जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जिसने खुद को राकेश डनसेना बताया था, उसका असली नाम सुदामा प्रधान उर्फ छोटू (28 वर्ष), निवासी ग्राम गहलोई, थाना पुसौर है। बैंक खाता भी उसी के नाम पर पाया गया। इसके बाद शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
पहले भी कई लोगों से कर चुका धोखाधड़ी
जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी के गांव में पूछताछ की, तो पता चला कि सुदामा प्रधान पहले भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। इसके बाद पुलिस उसे उसके गांव से हिरासत में लेकर थाने ले आए और पूछताछ की। पूछताछ में सुदामा ने बताया कि वह ड्राइवर पवन सिंह, राजवीर सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरदीप सिंह को पिछले 5-6 वर्षों से जानता है। ये सभी एनटीपीसी लारा में ट्रेलर वाहनों का संचालन करते थे।
साथी के साथ मिलकर प्लान बनाया
आरोपी ने बताया कि साल 2024 में उसने अपने साथी गुरप्रीत सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह के ट्रेलर वाहन को किराए पर लेकर बेचने की योजना बनाई थी। प्लान के मुताबिक, गुरप्रीत सिंह ने हरदीप सिंह को एनटीपीसी में वाहन चलाने के नाम पर ट्रेलर किराए पर देने के लिए तैयार किया। इसके बाद सुदामा प्रधान ने खुद को राकेश डनसेना बताकर हरदीप सिंह से संपर्क किया और वाहन का किराया 80 हजार रुपए प्रति माह तय कर लिया।
फर्जी किरायानामा तैयार किया गया
हरदीप को भरोसा दिलाने के लिए 7 नवंबर 2024 को राकेश डनसेना निवासी छपोरा, तहसील पुसौर के नाम से 50 रुपए के स्टाम्प पर फर्जी किरायानामा बनाया गया। इसके साथ ही एचडीएफसी बैंक का हस्ताक्षर किया हुआ ब्लैंक चेक भी हरदीप को दिया गया। इसके बाद आरोपी और उसका साथी गोरखा की पार्किंग से ट्रेलर वाहन लेकर रायपुर चले गए।
ट्रेलर को रायपुर के डिस्पोजल गोदाम में कटवाया
इसके बाद पुलिस ने रायपुर जाकर वाहन की तलाश की। वहां पता चला कि ट्रेलर वाहन को रायपुर स्थित केसीएम डिस्पोजल गोदाम में काट दिया गया था। जानकारी में यह भी सामने आया कि गोदाम के संचालक बिलाल खान की मौत हो चुकी है। इस मामले में सह आरोपी गुरप्रीत सिंह अभी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपी सुदामा प्रधान उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।
ट्रेलर को 5 लाख 20 हजार में बेचा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रायपुर के गुढिय़ारी इलाके में मेंटल पार्क के पास ट्रेलर को हॉर्स और ट्रॉला समेत एक व्यक्ति को 5 लाख 20 हजार रुपए में बेच दिया गया। इसके बाद मिले पैसों को दोनों आरोपियों ने आपस में बराबर-बराबर बांट लिया। आरोपी सुदामा ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले वाहन चोरी और मोबाइल चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है। पुलिस इन मामलों की भी अलग से जांच कर रही है।
पुलिस कार्रवाई कर रही
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि फर्जी पहचान, धोखाधड़ी और विश्वासघात के जरिए लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठित तरीके से धोखाधड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी सलाह दी कि वाहन या कोई भी संपत्ति किराए पर देने से पहले व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल जरूर करनी चाहिए।
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