रायगढ़, 28 अप्रैल 2026/ जिले में डीईएएफ एवं इनऑपरेटिव बैंक खातों के निराकरण को लेकर प्रशासन द्वारा प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर इस कार्य की नियमित रूप से समय-सीमा बैठकों में समीक्षा की जा रही है, जिससे कार्य में निरंतर गति बनी हुई है। इसी क्रम में आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में लीड बैंक मैनेजर एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में राज्य शासन के निर्देशानुसार डीईएएफ एवं इनऑपरेटिव खातों को प्राथमिकता के आधार पर सक्रिय (एक्टिवेट) कराते हुए केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने तथा नियमानुसार खातों का निष्पादन कर शेष राशि शासन के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए। जिले की प्रगति के अनुसार डीईएएफ श्रेणी के कुल 1348 खातों में 4,95,71,665 रूपये की राशि दर्ज है, जिनमें से 555 खातों को सक्रिय किया जा चुका है। इन सक्रिय खातों में 3,00,04,674 रुपए की राशि शामिल है तथा 2,81,88,102 रुपए की राशि शासन खाते में जमा की जा चुकी है। इसी प्रकार इनऑपरेटिव श्रेणी के 3560 खातों में 26,65,70,126 रुपए की राशि दर्ज है, जिनमें से 1922 खाते सक्रिय किए गए हैं। इन खातों में 13,92,89,691 रुपए की राशि है तथा 4,04,86,398 रुपए की राशि शासन खाते में जमा कराई जा चुकी है।
जिला कोषालय अधिकारी श्री चंद्रपाल सिंह ठाकुर एवं लीड बैंक मैनेजर श्री कमल किशोर सिंह ने बताया कि विभिन्न बैंकों एवं आहरण-संवितरण अधिकारियों के समन्वय से जिले से अब तक कुल 6,86,74,500 रुपए की राशि शासन के खाते में जमा की जा चुकी है। शेष राशि को भी शीघ्र जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रक्रिया को और अधिक सुगम एवं त्वरित बनाने के लिए समय-समय पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खाताधारकों का केवाईसी एवं सत्यापन कार्य तेजी से पूर्ण हो सके। बैठक में सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। बैठक में वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री चंद्रपाल सिंह ठाकुर, लीड बैंक मैनेजर श्री कमल किशोर सिंह, सहायक कोषालय अधिकारी श्री पुष्पेंद्र चंद्रा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डीईएएफ एवं इनऑपरेटिव खातों के निराकरण में तेजी
अब तक 6 करोड 86 लाख रुपए से अधिक की राशि शासन के खाते में जमा



