रायगढ़। जिले के घरघोड़ा ब्लॉक अंतर्गत टेड़ा नावपारा में कृषि भूमि पर फ्लाई ऐश डंपिंग का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और पर्यावरण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस जमीन पर कुछ ही महीनों पहले धान की फसल लहलहा रही थी, आज उसी खेत को औद्योगिक कचरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय किसान सनत कुमार राठिया की भूमि, जो हाल ही में फसल उत्पादन के लिए उपयोग में लाई गई थी, अब शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स बिंजकोट द्वारा फ्लाई ऐश डंपिंग के लिए प्रयोग की जा रही है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या किसान ने स्वेच्छा से अपनी उपजाऊ जमीन को डंपिंग के लिए दिया है या उस पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया है।
गौरतलब है कि हाल ही में विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने पर्यावरण विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाए थे। विपक्ष के विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया था कि विभाग न तो सही जानकारी दे रहा है और न ही प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। वहीं वित्त मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया था कि कृषि एवं वन भूमि पर फ्लाई ऐश डंपिंग नियमों के विरुद्ध है और इसे किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद घरघोड़ा क्षेत्र में हो रही डंपिंग गतिविधियां सरकारी दावों के विपरीत नजर आ रही हैं। नियमानुसार फ्लाई ऐश का निपटान केवल निर्धारित लो-लाइंग क्षेत्रों या खदानों में किया जाना चाहिए, लेकिन यहां उपजाऊ खेतों में इसका उपयोग किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लाई ऐश में मौजूद भारी धातुएं मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचाती हैं और भूजल को भी प्रदूषित कर सकती हैं, जिससे लंबे समय में कृषि और मानव स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित भूमि का निरीक्षण किया गया है या नहीं, और यदि यह कृषि भूमि है तो डंपिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई।
यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो क्षेत्र की उपजाऊ भूमि बंजर में तब्दील हो सकती है और किसानों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो सकता है।
बहरहाल देखना होगा कि पुरे मामले में जिला प्रशासन और सम्बंधित विभाग स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई करता है या फिर आँख मुंद कर किसानों का बदहाली का पूरा खेल तमाशा देखते रहेगा।
भूमिपुत्र के कृषि भूमि पर सफेद जहर का साया
सारडा एनर्जी के फ्लाई ऐश डंपिंग पर उठे सवाल



