रायगढ़। जोबी से खम्हार पालगड़ा घाटी का सफर इन दिनों आम राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। ऊंचे पहाड़ और खतरनाक घुमावदार मोड़ों वाली इस सडक़ पर रेत तस्करों के ट्रैक्टर काल बनकर दौड़ रहे हैं। रफ्तार इतनी तेज कि सामने से आने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों की रूह कांप जाती है। हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस अवैध कारोबार और ओवरस्पीडिंग पर कोई लगाम नहीं है।
पालगड़ा घाटी अपनी भौगोलिक बनावट के कारण बेहद संवेदनशील है। यहाँ कई जगहों पर सडक़ काफी संकरी और अंधा मोड़ वाली है। नियमों को ताक पर रखकर रेत से लदे ट्रैक्टर इन मोड़ों पर भी अपनी गति कम नहीं करते। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रेत तस्कर पकड़े जाने के डर से या ज्यादा फेरे लगाने के चक्कर में ट्रैक्टरों को इतनी लापरवाही से चलाते हैं कि अन्य वाहनों को सडक़ से नीचे उतरना पड़ता है।
क्षेत्र में चर्चा है कि रेत तस्करों को न तो कानून का भय है और न ही किसी बड़ी दुर्घटना का। घाटी के ऊपर आए दिन होने वाली इस आवाजाही से सडक़ भी जर्जर हो रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुस्ती के कारण इन तस्करों के हौसले बुलंद हैं। क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी या जानमाल की हानि के बाद ही जागेगा? क्षेत्र की जनता ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि पालगड़ा घाटी मार्ग पर तत्काल पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और ओवरस्पीड व अवैध रेत परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान न जाए।
दहशत के साये में जोबी-खम्हार पलगड़ा घाटी, बेखौफ दौड़ रहे रेत तस्करों के ट्रैक्टर



