रायगढ़। भारत में महिलाओं के राजनैतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माने जाने वाले बिल का संसद में विरोध कर विपक्षी पार्टियों ने ने अपना महिला विरोधी चेहरा उजागर किया है भारतीय जनता पार्टी संबलपुरी मण्डल की उपाध्यक्ष नीलिमा शर्मा ने इस बिल का विरोध करने पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस,समाजवादी पार्टी, टीएमसी एवं डीएमके को महिला विरोधी बताते हुए आगे कहा है की नारी सब कुछ भुला सकती है परन्तु अपना अपमान कभी नहीं भूलती,आज इस बिल के संसद में गिर जाने से ना जाने कितनी महिलाओं के सपने चकनाचूर हो गए।महिलाओं को उनके अधिकार को रोककर संसद में जो विपक्षी पार्टी के नेतागण टेबल पर थाप दे रहे थे वो नारी के आत्मसम्मान पर चोट थी।हर नारी के मन में यह कसक जीवन भर रहेगी,यह बिल किसी से कुछ छीनने का नहीं था वरन यह तो नीति निर्धारण में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने एवं सामाजिक संतुलन बनाने का एक ईमानदार प्रयास था। विपक्ष ने ऐसा करके संविधान निर्माताओं का मजाक किया है।
नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण विधेयक 2023 कहा जाता है भारत का एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन है जिसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है यह भारत के संविधान में संशोधन करके लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33त्न (एक तिहाई) सीटों का आरक्षण देने का प्रावधान करता है जिसे अगली जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होना था विपक्ष ने इस अधिनियम की भ्रुण हत्या कर दी।
कांग्रेस ने इस बिल का विरोध कर साबित कर दिया की वो महिलाओं की हित नहीं चाहती,उनके ऐसा करने से उनका मुखौटा हट गया ,समाजवादी पार्टी के नेताओं ने लोहिया जी के सपनों को अपने पैरों तले रौंद डाला,देश के लिए जरूरी हर फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया है,ओबीसी आरक्षण को 40 वर्षों तक लटकाए रखा,यू जी सी का विरोध, सी ए ए का विरोध, नक्सली हिंसा को समाप्त करने चलाए जा रहे अभियान का विरोध,यू सी सी का विरोध,वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध यहां तक एस आई आर का विरोध करने से ये लोग नहीं चुके अरे आप लोग राष्ट्र का विकास नहीं चाहते आप लोगों की वजह से ऐसे देश जो हमारे साथ आजाद हुए थे वे विकास में हमसे आगे निकल गए आज जब दुनिया विकास के मामले में हमारे देश की ओर टकटकी लगाए देख रही है ऐसे में तो आप लोग पार्टी हित से ज्यादा देशहित का ख्याल रख लेते आप लोगों की वजह से देश का विकास बाधित हुआ है।
परिवारवादी पार्टियां महिला हित नहीं चाहती, अंग्रेजों से सिख के आए फूट डालो और शासन करो की नीति पर ये लोग काम कर रहे है कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों पर सवार है ऐसा करके क्षेत्रीय दलों को भी ये लोग डूबा देंगे इस बिल से परिवारवादी दलों को खतरा लग रहा था।देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने संसद में कहा था की आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए मै इसका क्रेडिट विज्ञापन छपवा के विपक्ष को दे दूंगा परन्तु लटकाना, अटकाना ,भटकाना कांग्रेस का सिद्धांत रहा है इनकी स्वार्थी राजनीति का नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ा मुझे लगा था की इस बिल का समर्थन कर कांग्रेस अपनी पुरानी गलतियों के लिए प्रायश्चित करेगी पर उन्होंने यह अवसर भी गंवा दिया,मोदी जी ने कहा की हमने साफ नीयत से पवित्र प्रयास किया परन्तु विपक्षी पार्टी के द्वारा नारी शक्ति के सपनों को कुचला गया,बिल का गिरना सरकार की नाकामयाबी नहीं है ना ही ये विषय सफलता असफलता का है बल्कि यह तो नारी के सम्मान का विषय है।इस बिल के संसद में गिर जाने से नारी शक्ति के साथ साथ मै भी दुखी हूं परन्तु हर रुकावट का हम डट के सामना करेंगे हमारा आत्मबल अजेय है और हमारा प्रयास रुकेगा नहीं हमारे लिए दलगत हित से ज्यादा देश हित मायने रखता है और हम उसी दिशा में कार्य करते रहेंगे।
नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का विरोध कर विपक्षी पार्टियों ने पाप किया है – नीलिमा शर्मा
राजनीति में भागीदारी बढ़ाने वाले बिल का विरोध, विपक्षी पार्टियों ने की महिलाओं की उपेक्षा



