रायगढ़। शुक्रवार को सुबह ग्राम सिंघनपुर मोड़ के पास कोयला लोड कर चालक ने ट्रेलर को तेज गति से चलाते हुए स्कूटी सवार दंपत्ति को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में गर्भवती महिला चक्का के नीचे आ गई, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, वहीं बच्चा व उसका पति दूर जा गिरे, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया था, जो काफी समझाईश के बाद शाम को जाम समाप्त हो सका।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के रामपुर-टूंड्री निवासी उमा राठिया पति टीकाराम राठिया (33 वर्ष) अपनी मायके सिंघनपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी, इससे हर दिन सुबह सिंघनपुर आती थी और शाम को अपनी ससुराल वापस लौट जाती थी। ऐसे में शुक्रवार को भी सुबह उमा राठिया अपने पति और बच्चे के साथ सिंघनपुर जाने के लिए निकली थी, इस दौरान सुबह जब सिंघनपुर मोड के पास पहुंची तो पिछे से एक कोयला लोड ट्रेलर को चालक ने लापरवाही पूर्वक चलाते हुए आया और स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दिया, इससे गर्भवती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उमा राठिया सडक़ में गिर गई, इससे ट्रेलर का चक्का उसके ऊपर चढ़ गया और वह चक्के में फंस कर कुछ दूर तक घसिटा गई, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसका पति और बच्चा स्कूटी समेत दूर जा गिरे, इसे उनको हल्की चोट आई, लेकिन स्कूटी का परखच्चे उड़ गए। ऐसे में ट्रेलर चालक ने वाहन को खड़ा कर मौके से फरार हो गया। ऐसे में उक्त घटना को देख आसपास के लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा और घटना की सूचना तत्काल भूपदेवपुर पुलिस को दिया, इससे पुलिस मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
वहीं जब सिंघनपुर के ग्रामीणों को पता चला कि गांव की बेटी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सडक़ हादसे में मौत हो गई है तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सडक़ पर उतरकर चक्काजाम शुरू कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों का कहना था कि भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार के चलते हमेशा हादसे हो रहे हैं, इससे गति पर रोक लगनी चाहिए। साथ ही पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा देने और भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाम लगाई जाए। इन सब मांगों को लेकर सुबह से दोपहर करीब तीन बजे तक घटना स्थल पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। साथ ही चालक के फरार होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने दुर्घटनाकारित वाहन के कांच को भी तोड़ दिया था।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
हादसे और चक्काजाम की सूचना मिलते ही खरसिया एसडीओपी प्रभात पटेल और भूपदेवपुर थाना प्रभारी संजय नाग पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को शांत कराने और सडक़ से जाम हटाने के लिए लगातार समझाइश दे रहे थे, लेकिन ग्रामीण प्रशासन से ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े हुए थे, ऐसे में पुलिस ने आश्वासन दिया कि दुर्घटनाकारित वाहन चालक की तलाश शुरू हो गई, जिसे बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, और जहां तक बात ओवरस्पीड की है तो उस पर भी रोक लगाई जाएगी, तब जाकर शाम करीब 3 बजे चक्काजाम समाप्त हो सका।
समर्थन में पहुंचे विधायक उमेश पटेल
सिंघनपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सडक़ हादसे में मौत होने के बाद ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम किए जाने की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री व विधायक उमेश पटेल भी ग्रामीणों के समर्थन पहुंचे हुए थे। इस दौरान उन्होंने उनकी मांगों को जायज बताते हुए जिला प्रशासन को उस पर अमल करने की बात कही। ऐसे में तेज धूप व भीषण गर्मी में विधायक ने ग्रामीणों के साथ पूरे दिन मौके पर डटे रहे।
वाहनों की लग गई थी लंबी कतार
ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम किए जाने के कारण सडक़ के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। इससे दोपहर बाद करीब 3 बजे जिला प्रशासन की तरफ से पीडि़त परिवार को तत्कालिक राशि और वाहन मालिक की तरफ से कुल एक लाख रुपए दिया गया, इसके बाद जाम समाप्त हुआ। जिससे पुलिस ने जाम में फंसे वाहनेां को एक-एक कर रवाना किया, वहीं देर शाम तक मर्ग कायम कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है।



