रायगढ़। जिले में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम जशपुर से सडक़ मार्ग से पहुंचे। सोमवार सुबह उन्होंने होमगार्ड के फायर यूनिट का निरीक्षण किया और फायर ब्रिगेड वाहनों का प्रदर्शन देखकर उनकी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिले की पुलिसिंग की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में पुलिस का मुख्य काम समाज का भरोसा जीतकर क्राइम को कंट्रोल करना है, और छत्तीसगढ़ पुलिस इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा रही है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दो फायर ब्रिगेड वाहन अभी रायगढ़ फायर स्टेशन में चल रहे हैं। इस पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से बात की और वाहनों को जल्द सारंगढ़ भेजने के साथ वहां फायरमैन की व्यवस्था पर चर्चा की। इसके बाद डीजीपी ने छठवीं वाहिनी का निरीक्षण किया और परिसर की साफ-सफाई के साथ जरूरी सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे सरगुजा रेंज के दौरे पर जशपुर से रायगढ़ पहुंचे हैं। उन्होंने एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिले की पुलिसिंग की सराहना की और होमगार्ड की फायर सर्विस की भी तारीफ की। डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस म्यूल अकाउंट्स पर लगातार कार्रवाई कर रही है और सीसीटीएनएस सिस्टम को बेहतर बनाने के साथ संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए सब-इंस्पेक्टरों की जल्द तैनाती से पुलिस बल और मजबूत होगा।
पुलिस अधिकारियों को बैठक में कई निर्देश दिए
डीजीपी ने रविवार शाम रक्षित केंद्र के ऑफिसर्स मेस में जिले के पुलिस अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों की अहम बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग में नए तरीके अपनाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बेसिक व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए और बताया कि इससे सही जानकारी मिलती है और अपराध रोकने में मदद मिलती है।
बोले- थाना प्रभारी पीडि़तों की शिकायत स्वयं सुने
डीजपी अरुण देव गौतम ने थाना और चौकी प्रभारियों को कहा कि वे हर शिकायतकर्ता और पीडि़त की बात खुद सुनें। इसके बाद तुरंत उचित कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को आम लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए और स्थानीय विवादों को समय पर शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। बैठक में डीजीपी ने कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, जनता का भरोसा बनाने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए, ताकि सडक़ दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष हो
उन्होंने कहा कि न्यायालय के मामलों में समंस और वारंट समय पर पूरा किया जाए और विशेषज्ञों की रिपोर्ट समय पर कोर्ट में पेश की जाए, ताकि पीडि़तों को जल्दी न्याय मिल सके। बैठक में डीजीपी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पुलिस का काम पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए। किसी भी मामले में पक्षपात नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष पुलिसिंग से ही जनता का भरोसा बढ़ता है। इसलिए सभी थाना और चौकी प्रभारी अपने काम में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें और कानून के अनुसार निष्पक्ष रूप से अपने दायित्व निभाएं।



