रायगढ़। धरमजयगढ़ वनमंडल के क्रोंधा गांव जंगल से निकलकर 30 से 35 हाथियों का विशाल झुंड एक साथ मुख्य मार्ग पर उतरा, जिससे सडक़ के दोनों तरफ काफी देर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही। हाथी प्रभावित इलाको में दहशत का माहौल निर्मित हो गया है।
धरमजयगढ़ के क्रोंधा मार्ग पर कल शाम जंगली हाथियों का एक बड़ा दल देखा गया। आगे-आगे सतर्क विशालकाय हाथी, और उनके घेरे में सुरक्षित चलते नन्हे शावक हर कदम पर सतर्कता, हर आहट में चेतावनी। उनके भारी कदमों की धमक और गूंजती चिंघाड़ ने पूरे क्षेत्र को सिहरन से भर दिया। राहगीरों की रफ्तार थम गई, सांसें ठहर गईं और निगाहें उसी अद्भुत लेकिन भयावह दृश्य पर टिक गईं। वहीं जब यह झुंड मुख्य मार्ग को पार कर रहा था, तब समय जैसे ठहर सा गया था। दहशत और आकर्षण के इस संगम ने हर देखने वाले को मंत्रमुग्ध कर दिया, लेकिन भीतर ही भीतर भय का साया भी गहराता गया। वहीं स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वन विभाग ने तत्काल आवागमन को पूरी तरह बंद कर दिया, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। विशेष रूप से झुंड में बड़ी संख्या में मौजूद शावकों ने इसे और अधिक संवेदनशील बना दिया, क्योंकि ऐसे समय में हाथियों का व्यवहार और भी आक्रामक हो सकता है।
हाथी मित्र दल की सराहनीय भूमिका
इस दौरान ‘हाथी मित्र दल’ ने साहस और समर्पण की मिसाल पेश की। अपनी जान की परवाह किए बिना वे राहगीरों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे। उनका यह प्रयास न केवल सराहनीय है, बल्कि मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण भी है, यह दृश्य धरमजयगढ़ मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर घटित इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। फिलहाल वन विभाग आसपास के गांवों और लोगों को सतर्क कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। वहीं इस अनोखे और भयावह दृश्य को लोग अपने मोबाइल कैमरे में कैद करते हुए नजर आए।



