नई दिल्ली। ईरान युद्ध के बीच देश देश के भीतर पैदा हुए तेल संकट के बीच अब सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने तय किया है कि, अब आम लोगों को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी का फायदा पहले से ज्यादा समय तक मिलेगा. इस फैसले से न सिर्फ ईवी खरीदना सस्ता होगा, बल्कि बाजार में इसकी मांग भी और तेज होने की उम्मीद है. साथ ही पेट्रोल पर निर्भरता भी कम होगी.
सरकार ने प्राइम मिनिस्टर इलेक्ट्रिक ड्राइव रेवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल इन्हैंसमेंट स्कीम के तहत सब्सिडी की समय सीमा में बदलाव किया है. भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी नए नोटिफिकेशन के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाली सब्सिडी अब 31 जुलाई 2026 तक दी जाएगी. वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए यह लाभ 31 मार्च 2028 तक मिलता रहेगा. यह योजना पहले 31 मार्च 2026 तक खत्म होने वाली थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2028 तक कर दिया गया है. खास बात यह है कि टू-व्हीलर के लिए 4 महीने का एक्स्ट्रा टाइम दिया गया है. अक्टूबर 2024 में शुरू हुई इस स्कीम का कुल बजट 10,900 करोड़ रुपये रखा गया है. इसका मकसद इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, बस, ट्रक और एंबुलेंस की खरीद को बढ़ावा देना है. साथ ही देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी इसका अहम हिस्सा है. इस योजना के तहत 3,679 करोड़ रुपये सीधे सब्सिडी के रूप में दिए जाने हैं, जबकि 7,171 करोड़ रुपये पब्लिक चार्जिंग और ई-बस जैसी सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे.
सब्सिडी में कटौती
जहां एक तरफ सरकार ने सब्सिडी की समय-सीमा बढ़ाई है, वहीं इसकी रकम में कटौती भी की है. जिसका सीधा आम लोगों के इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारी पर पड़ेगा. 1 अप्रैल 2025 से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर सब्सिडी घटाकर 2,500 रुपये प्रति केडब्लयूएच कर दी गई है, जो अधिकतम 5,000 रुपये है. यानी इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक खरीदने वालों को ज्यादा से ज्यादा 5,000 रुपये तक का लाभ मिलेगा. पहले यह 5,000 रुपये प्रति केडब्ल्यूएच और अधिकतम 10,000 रुपये तक थी. आमतौर पर बाजार में उपलब्ध इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कम से कम 2केडब्ल्यूएच बैटरी पैक के साथ आते हैं. ऐसे में लोगों को वाहनों पर कम से कम 10,000 रुपये तक का बेनिफिट जरूर मिल जाता था. इसी तरह, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पर भी सब्सिडी कम कर दी गई है. अब यह 2,500 रुपये प्रति केडब्ल्यूएच और अधिकतम 12,500 रुपये प्रति वाहन है, जो पहले 25,000 रुपये तक मिलती थी. इसलिए सब्सिडी की समय सीमा भले ही बढ़ी हो लेकिर सब्सिडी के रूप में मिलने वाली रकम कम हो गई है. दरअसल, सरकार सिलसिलेवार ढंग से सब्सिडी खत्म पर विचार कर रही है. इसलिए धीमें-धीमें इसे कम किया जा रहा है.
सरकार का बड़ा फैसला, इलेक्ट्रिक गाडिय़ों के लिए बदला सब्सिडी का नियम,अब 2028 तक मिलेगा लाभ



