रायगढ़। लैलूंगा क्षेत्र के रेगड़ी पंचायत में बनी एक पुलिया अब लोगों के लिए सुविधा नहीं बल्कि मौत का जाल बनती जा रही है। संकरी और जर्जर हालत में मौजूद यह पुलिया आए दिन सडक़ दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इस पुलिया पर 10 से 12 से अधिक दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की मौत तक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन अब तक गहरी नींद में सोया हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया काफी संकरी और क्षतिग्रस्त हो चुकी है। पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा के लिए न तो रेलिंग है और न ही कोई चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाया गया है। रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में वाहन चालकों को पुलिया का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार कई बार छोटे-बड़े वाहन पुलिया से फिसलकर नीचे गिर चुके हैं। कुछ मामलों में लोगों को गंभीर चोटें आईं तो कुछ परिवारों को अपने प्रियजनों की जान तक गंवानी पड़ी। लगातार हो रही इन घटनाओं से गांव में डर और आक्रोश का माहौल बन गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन मिलता है, लेकिन पुल पर सुधार का काम नजर नहीं आता।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिया की मरम्मत और चौड़ीकरण नहीं कराया गया तो आने वाले समय में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुलिया को जल्द से जल्द चौड़ा किया जाए, मजबूत रेलिंग लगाई जाए और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोगों की जान सुरक्षित रह सके।
अब ग्रामीणों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पुलिया का सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते इस खतरनाक पुलिया को ठीक कर लोगों की जान बचाने की पहल करेगा।
रेगड़ी में मौत की पुलिया : 10-12 हादसों के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, दहशत में ग्रामीण



