पखांजुर। पखांजूर में शिक्षा विभाग की एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को न केवल पेंशन आदेश सौंपे गए, बल्कि उन्हें सम्मानित भी किया गया। यह आयोजन अपने आप में एक मिसाल बन गया।
पखांजूर के कोयलीबेड़ा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सेवानिवृत्त एवं दिवंगत शिक्षकों के लिए पेंशन अदायगी आदेश वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों एवं उनके परिजनों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल भावुक और गौरवपूर्ण बन गया। समारोह में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण साहा एवं विशेष अतिथि उपाध्यक्ष श्री शंकर सरकार मौजूद रहे। अपने संबोधन में श्री शंकर सरकार ने कहा कि कोयलीबेड़ा विकासखंड के इतिहास में यह पहली बार है, जब 14 सेवानिवृत्त और दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को एक साथ पेंशन अदायगी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने इस पहल के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि समाज शिक्षकों की जीवनभर की सेवा का हमेशा ऋणी रहेगा। खंड शिक्षा अधिकारी देवकुमार शील ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद पाठक, दीपक चंद्र मंडल, गणेश चंद्र मंडल, श्रीमती गीता रानी सरकार, हेमंत कुमार वैध सहित कई दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को पेंशन आदेश प्रदान किए गए। इस त्वरित कार्रवाई से शिक्षकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। कार्यक्रम में शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए पेंशन प्रक्रिया को समय पर पूर्ण करने के लिए आभार जताया। समारोह में वक्ताओं ने शिक्षकों के योगदान को याद करते हुए उनके समर्पण को समाज की नींव बताया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों ने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए विभाग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षकगण एवं दिवंगत शिक्षकों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पहली बार एक मंच पर न्याय, 14 शिक्षकों व परिजनों को मिला पेंशन आदेश
शिक्षकों के सम्मान में उठाया बड़ा कदम, पखांजूर में पेंशन वितरण बना मिसाल



