रायगढ़। लोक सेवा केंद्र के आड़ में रेलवे का ई-टिकट बनाने वाले युवक को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई की है। साथ ही उक्त संचालक से पुराने बनाए गए टिकट व इलेक्ट्रानिक सामान भी जब्त किया है।
इस संबंध में रेल सुरक्षा बल पोस्ट प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि ई-टिकट के अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में मुखबीर से सूचना मिली थी कि जूटमिल थाना क्षेत्र के ओडि़शा रोड पर गढ़उमरिया के पास स्थित मां सीएससी सेंटर में लंबे समय से ई-टिकट बनाने का काम चल रहा है। इससे आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार एस ने हमराबल के साथ 07 मार्च को स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर दबिश देते हुए दुकान संचालक को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ किया तो मां सीएससी सेंटर के संचालक सिद्धार्थ राजभीर पिता शिवशंकर राजभीर (28 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर33 जूटमिल कबीर चौक का रहने वाला बताया। ऐसे में रेलवे ई-टिकट बनाने के संबंध में पूछताछ कर उसके इलेक्ट्रानिक सामान मोबाइल की जांच किया गया तो एक व्यक्तिगत यूजर आईडी से 12 नग पूराना रेलवे आरक्षित ई-टिकट बनाया पाया गया। साथ ही पूछताछ करने पर उसने बताया कि यह दुकान उसके परिचित अशोक सतनामी का है, इससे करीब 10 दिन पहले इस दुकान को आपसी बातचीत कर लिया है और दुकान में सभी तरह के ऑन लाइन काम करता है। हालंाकि रेलवे ई-टिकट का काम लगभग 2022 से करते आ रहा है और जरूरतमंद लोगों के मांग पर टिकट बनाकर प्रत्येक टिकट पर 10 रुपए अतिरिक्त चार्ज लेता है। ऐसे में जांच टीम ने दुकान संचालक द्वारा टिकट के लिए उपयोग किए गए बैंक खाता मोबाइल अन्य सामान को जब्त करते हुए पंचनामा तैयार का रायगढ़ पोस्ट लाया गया, जहां धारा 143 रेलवे अधिनियम के तहत अपरोपी को गिरफ्तार कर इसकी सूचना उसके परिजनों को दी गई, जिससे परिजनों के आने पर जमानत देते हुए उसकी फाइल बिलासपुर कोर्ट में पेश किया गया है।
पर्सन आईडी से रेलवे ई-टिकट बनातेे युवक पकड़ाया
आरपीएफ टीम ने दुकान संचालक पर की कार्रवाई



