सारंगढ़। जिले में राष्ट्रीय रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के अंतर्गत एक दिवस प्रशिक्षण दिया गया, प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रा. स्वा. केंद्र, सा. स्वा. केंद्र व जिला अस्पताल के चिन्हांकित अधिकारी कर्मचारी को आमंत्रित गया था। जिले में अप्रैल 25 से जनवरी 26 तक कुल 10 माह में 8186 एनिमल बाइट के केस दर्ज हुए है।जिनको उपचार दिया गया है। रेबीज एक वायरल संक्रमण है जो मनुष्यों एवं जानवरों में हमेशा ही घातक है। रेबीज के सामान्य वाहक कौन है ? यह बीमारी कुत्ते, बिल्ली,बंदर आदि जैसे जानवरों के काटने या खरोचने के कारण हो सकती है संक्रमित जानवर के काटने से रेबीज का संक्रमण फैलता है ज्यादातर मामलों में मनुष्यों में यह बीमारी कुत्ते के काटने या खरोचने से भी होती है90त्न से ज्यादा मनुष्यों में जानवर के काटने के बाद क्या उपचार करना चाहिए ?
सबसे पहले जख्म पर तुरंत साबुन और साफ पानी बहते पानी से 15 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं , घाव पर उपलब्ध एंटीसेप्टिक लगावे,घाव को खुला छोड़े और टांके न लगवाए, तुरंत अपने डॉक्टर की सलाह ले और एंटी रेबीज के टीके लगवाए घाव बड़ा होने पर इम्युनोग्लोबिन सिरपका टीका भी लगवाएं।
रेबीज के बचाव के लिए एंटी रेबीज टीका त्वचा या मांसपेशियों में लगवाए अगर त्वचा में लगाए जाते है तब 0,3,7 और 28 दिवस को लगवाएंगे लेकिन मांस पेशियों में लगवाने पर 0,3,7,14 और 28 वे दिवस में लगवाएंगे,मनुष्य में रेबीज से बचाव के लिए आवश्यक है। घाव को अच्छी तरह से साफ पानी में धोए,घाव को खुला ही रखे तथा पास के स्वास्थ्य के केंद्र में जाकर टीका लगवाए और पूरे डोज भी लगवाए अधूरा न छोड़े घाव साफ करे। अल्कोहल या स्पिरिट से क्लीन करे, टीका लगवाए, समय समय पर पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाए। कुत्ते काटने पर कोई घरेलू उपचार के चक्कर में न पड़े ,अपने चिकित्सक से तुरंत ही सलाह ले अपने घर के आसपास और मोहल्ले में पालतू व अज्ञात कुत्ते को भी नियमित तौर से एंटी रेबीज टीका लगवाने के लिए पहल करे अगर आपके मोहल्ले में जानवर काटने की घटना हो रही है तो तुरंत अपने नजदीकी पंचायत / नपा के अधिकारी को सूचित करे, आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखे और कूड़ा कचरा जमा ना हो जानवरों में रेबीज के लक्षण, जानवरों के व्यवहार में परिवर्तन, भौंकने के स्वर में बदलाव, बिना कारण अत्यधिक उत्तेजित हो जाना बिना किसी कारण के काटना पानी से डरना, हाइड्रो फोबिया मुंह से अत्यधिक लार निकलना, लकवा आना आदि, मनुष्य में रेबीज होने के लक्षण क्या है, अज्ञात जानवर से काटने का इतिहास होना, पानी से डरना, अज्ञात जानवरों के काटने के प्रकरण को नजर अंदाज न करे याद रहे रेबीज की बीमारी 100त्न जान लेवा है जबकि – बचाव आसान है।
रेबीज जानलेवा बीमारी है इसकी रोकथाम पूर्णत: संभव है



