तमनार। ़जिले में पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से हुए हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब इसका असर ज़मीन पर साफ़ दिखने लगा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तमनार थाना पुन: धरमजयगढ़ अनुविभाग में शामिल किया गया है। इसी कड़ी में एसडीओपी सिद्धार्थ तिवारी ने तमनार थाने पहुँचकर औचक निरीक्षण किया और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया। दो वर्षों बाद पुराने प्रशासनिक ढांचे में लौटे तमनार थाना के साथ ही पुलिसिंग की रफ्तार तेज़ करने की कवायद शुरू हो गई है।
निरीक्षण के दौरान एसडीओपी तिवारी ने थाना रिकॉर्ड, लंबित मामलों, सुरक्षा इंतज़ामों और कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। तकनीक के सहारे आधुनिक पुलिसिंग पर ज़ोरएसडीओपी ने स्पष्ट कहा कि अब केवल फिजिक़ल गश्त ही नहीं, बल्कि तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी ज़रूरी है। उन्होंने पुलिस स्टाफ को त्रिनयन एप, सशक्त एप और आईआरडी पर प्राथमिकता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। इन टूल्स से अपराध नियंत्रण और सडक़ दुर्घटनाओं के विश्लेषण में मदद मिलेगी।औद्योगिक क्षेत्र में विशेष सतर्कताऔद्योगिक क्षेत्र होने के कारण तमनार की चुनौतियाँ अलग हैं। इसे ध्यान में रखते हुए एसडीओपी ने ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने, भारी वाहनों से आमजन को होने वाली परेशानी रोकने और नशा, जुआ, सट्टा व चोरी जैसी अवैध गतिविधियों पर कड़ा प्रहार करने के निर्देश दिए। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखने और पूरे स्टाफ को एक्टिव मोड में रहने के आदेश दिए गए।त्वरित न्याय और जनता से संवादनिरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी कमला पुसाम ठाकुर सहित समस्त पुलिस बल मौजूद रहा। एसडीओपी ने लंबित शिकायतों के शीघ्र निराकरण और आम जनता को समयबद्ध न्याय दिलाने पर विशेष ज़ोर दिया।
त्वरित न्याय और जनता से संवाद को दे प्राथमिकता
एसडीओपी सिद्धार्थ तिवारी ने तमनार थाना का किया औचक निरीक्षण



