कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गेवरा-सेन्दुरगढ़ रेलवे लाइन निर्माण परियोजना में करोड़ों रुपये के सामान की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. कटघोरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के ही एक ऑपरेटर और एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने स्टोर से करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य का लोहा और पुरानी रेल पटरियां पार कर दी थीं.
मामला शिवाकृति इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है. कंपनी के मुख्य प्रोजेक्ट मैनेजर सुरेंद्र कुमार जांगिड़ ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सिंघिया और सुतर्रा स्थित स्टोर से लगभग 2 करोड़ रुपये का लोहे का सामान गायब है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर एसडीओपी कटघोरा विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई.
पुलिस ने जब ड्यूटी पर तैनात गार्डों और कर्मचारियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच में पाया गया कि 20 जनवरी को कोई लूट या बाहरी चोरी नहीं हुई थी, बल्कि कंपनी के अंदर के लोग ही इस घोटाले में शामिल थे. कंपनी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत तेजबहादुर पटेल ने स्वीकार किया कि वह पिछले चार महीनों से लगातार लोहे के स्क्रैप और पुरानी पटरियों के टुकड़ों को चोरी-छिपे बेच रहा था.
पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है- तेजबहादुर पटेल (26): निवासी प्रयागराज (यूपी), जो वर्तमान में सुतर्रा में रहकर ऑपरेटर का काम कर रहा था. इसके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल जेसीबी (आरजे-14 ईए-6446) और नकद राशि जप्त की गई है। राहुल सिंह मरकाम (28)- निवासी पुरानी बस्ती कटघोरा. राहुल वह कबाड़ी है जो चोरी का सामान खरीदता था. इसके पास से करीब 2 क्विंटल रेलवे पटरी के टुकड़े बरामद हुए हैं. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. पुलिस अब 2 करोड़ रुपये के शेष सामान की बरामदगी के लिए विस्तृत विवेचना कर रही है.
रेलवे प्रोजेक्ट में करोड़ों की हेराफेरी, दो गिरफ्तार
कंपनी कर्मचारी ने कबाड़ी को बेचा 2 करोड़ का लोहा



