रायगढ़। जिले में धान खरीदी के लिए टोकन जारी न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खरीदी सीजन अंतिम चरण में पहुंच चुका है, ऐसे में टोकन नहीं होने से धान फसल को लेकर परेशान किसानों ने सडक़ में ट्रैक्टर अड़ा कर चक्काजाम कर दिया था, जिसकी जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और समझाईश देकर शांत कराया।
उल्लेखनीय है कि धान खरीदी की अंतिम तिथी 31 जनवरी है, लेकिन अभी तक कई टोकन के अभाव में कई गांव के किसान अपने उपज को नहीं बेच पाए हैं। ऐसे में विगत तीन-चार दिन से टोकन लेने के लिए किसान परेशान है, लेकिन टोकन नहीं मिलने से किसानों में आक्रोश पनपने लगा है। ऐसे में बुधवार को सुबह करीब 10 बजे कोतरा से रायगढ़ मुख्य मार्ग पर 6 से 7 सोसाइटी क्षेत्रों के किसान एकत्रित होकर टोकन नहीं कटने के विरोध में सडक़ पर टै्रक्टर अड़ा कर चक्काजाम करते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया था। इससे सडक़ के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। ऐसे में जब इसकी जानकारी कोतरारोड पुलिस को मिली तो थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाईश देने लगे, लेकिन किसानों का कहना था कि अब खरीदी के लिए मात्र तीन दिन का समय बचा है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें टोकन नहीं मिला तो पूरे साल के मेहतन पर पानी फिर जाएगा, ऐसे में जब तक उन्हें टोकन नहीं मिल जाता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं किसानों के आंदोलन की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री और खरसिया विधायक उमेश पटेल भी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा कर उनकी मांगों को उचित बताते हुए उनके समर्थन में खड़े हो गए। इससे किसानों को और बल मिलते ही किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। ऐसे में प्रदर्शन उग्र न हो जाए, इसको देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि सभी को टोकन मिलेगा, तब किसान सडक़ से हटकर किनारे में खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दिया।
- इन गांवों के किसान थे शामिल
प्रदर्शन करने वाले किसानों में भरतपुर, कोतरा, कोड़तराई, धनागर, कांटा हरदी, भातपुर, नंदेली समेत आसपास के गांवों के किसान शामिल थे। इनका कहना था कि यदि समय रहते टोकन जारी नहीं हुआ तो वे अपनी धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। - 30 को जारी हुआ टोकन
चक्काजाम होने के बाद रायगढ़ एसडीएम मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि एक भी किसान धान बिक्री से बंचित नहीं रहेेगे, साथ ही आनन-फानन में 30 किसानों को टोकन दिया गया है, और बाकी किसानों को गुरुवार को जारी किया जाएगा। तब जाकर दोपहर करीब ढाई बजे सभी किसान वापस लौटे। वहीं बताया जा रहा है कि इस आंदोलन में करीब 100 से अधिक किसान शामिल हुए थे।



