रायपुर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशनकार्डधारकों का आधार से ई-केवाईसी कराना जरूरी है। इसे आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने वृद्ध, असहाय और बीमार लोगों के लिए फेस ई-केवाईसी की सुविधा शुरू की है। अब ऐसे राशनकार्डधारक घर बैठे ही चेहरे के माध्यम से अपना ई-केवाईसी पूरा कर सकेंगे। कई 70 साल से अधिक उम्र के लोगों के फिंगरप्रिंट साफ न होने के कारण बॉयोमेट्रिक ई-केवाईसी नहीं हो पा रही थी। इस समस्या को देखते हुए शासन ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन व्यवस्था लागू की है। जिससे पहचान करना आसान हो गया है।
फेस ई-केवाईसी के लिए ‘मेरा ई-केवाईसी’ मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए गुगल प्ले स्टोर से मेरा ई-केवाईसी और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में आधार नंबर डालकर मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज करना होगा, फिर कैमरे से चेहरे की पहचान कर ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी। ऐप में यह भी देखा जा सकता है कि ई-केवाईसी पहले से हुई है या नहीं।
अगर मोबाइल से ई-केवाईसी करना संभव न हो, तो राशनकार्डधारक अपने नजदीकी सरकारी उचित मूल्य दुकान में जाकर अंगूठे या उंगली के निशान से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इस सुविधा से बुजुर्ग और असहाय लोगों को राहत मिलेगी और उन्हें राशन लेने में परेशानी नहीं होगी। सरकार का मकसद राशन डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस को ट्रांसपेरेंट और भ्रष्टाचार फ्री बनाना है। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग फर्जी राशन कार्ड से या एलिजिबल ना होने के बावजूद फ्री राशन का लाभ लेते हैं। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उसके नाम पर राशन लिया जाता है। इसी तरह की गड़बडिय़ों को रोकने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रोसेस शुरू की है। इस प्रोसेस के तहत राशन कार्ड धारक और उनके परिवार के सदस्यों की पहचान आधार कार्ड से लिंक की जाती है। जिससे यह तय किया जा सके कि सिर्फ वास्तविक और जरूरतमंद लोगों को ही फ्री राशन का लाभ मिले।
सीनियर सिटीजन घर से कर सकेंगे ई-केवाईसी
राशन कार्ड में हो रही असुविधा से बचने के लिए लिया गया निर्णय



