सरगुजा। अंबिकापुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वागत में आए युवाओं का चलती कार में स्टंट करने का वीडियो सामने आया है। 23 जनवरी की शाम बघेल भागवत कार्यक्रम में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। इस दौरान युवाओं ने 15 अलग-अलग गाडिय़ों का काफिला बनाकर गांधी चौक पहुंचकर उनका स्वागत किया। इसके बाद शहर भर में वे स्टंट करते हुए गाडिय़ों में लटककर लौटे और शोर मचाते हुए मोबाइल से रील भी बनाई। स्थानीय लोगों ने यह वीडियो वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 फोर व्हीलर जब्त कर लिए। अन्य गाडिय़ों की तलाश अभी जारी है। साथ ही, संबंधित युवाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला और सरगुजा पुलिस को भी टैग किया। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। वाहन चालकों के खिलाफ बीएनएस एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है 15 गाडिय़ों में 80 से ज्यादा युवा शामिल होने आए थे। इनमें से करीब एक दर्जन वाहनों में सवार होकर निकले युवकों ने गाडिय़ों में लटककर स्टंट किया। नंबर के आधार पर 8 गाडिय़ां जब्त की गई है, अन्य गाडिय़ों की तलाश जारी है। हालांकि किन युवाओं पर कार्रवाई हुई इसकी जानकारी पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की है।
सरगांव नरेश विंदेश्वर शरण सिंहदेव (विंक्की बाबा) ने सरगांव द पैलेस रिसॉर्ट में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन कराया था। जिसमें शामिल होने भूपेश बघेल पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष गुरप्रीत सिंघ बाबरा भी मौजूद रहे। तभी शहर के युवाओं ने शाम 5 बजे गांधी चौक पर बघेल का स्वागत किया। शहर के गांधी चौक, आकाशवाणी चौक से नगर निगम होते हुए गाडिय़ों का काफिला वापस निकला तभी युवाओं ने हुड़दंगी की और लटककर स्टंट करते दिखे। सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना कोतवाली पुलिस टीम ने रैली में शामिल वाहनों की तलाश शुरू की और 8 वाहनों को जब्त किया। जब्त वाहनों में इनोवा, स्कॉर्पियो, अर्टिगा शामिल हैं। सभी 8 वाहनों के चालकों के खिलाफ बीएनएस की धारा 125, 281, 285, 3 (5) एवं धारा 184 मोटरयान अधिनियम का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस सभी वाहनों के चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई कर रही है। रैली में शामिल अन्य वाहनों की तलाश की जा रही है। सरगुजा स्स्क्क राजेश अग्रवाल ने कहा कि वाहनों से स्टंट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व में स्कूल संचालकों की बैठक लेकर चेताया गया है कि फेयरवेल पार्टी के दौरान छात्र भी वाहनों से स्टंट करते मिले तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पिछले साल फेयरवेल पार्टियों के दौरान ऐसे कई वीडियो सामने आए थे, जिसमें छात्र सडक़ों में वाहनों से लटककर स्टंट करते दिखे थे।
इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्टंटबाजी, बर्थ-डे सेलिब्रेशन और केक कटिंग के इन मामलों पर स्वत: संज्ञान लेकर राज्य शासन से जवाब मांगा था। बिलासपुर में रईसजादों की नेशनल हाईवे पर स्टंटबाजी केस में शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया। कहा गया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया और स्टंट में शामिल गाडिय़ों को जब्त किया गया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चेतावनी दी कि सार्वजनिक सडक़ों पर स्टंटबाजी करने वाले युवाओं को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि यह दूसरों के लिए सबक बने। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पुलिस का एक्शन अक्सर केवल गरीब, मध्यम वर्ग और दलितों पर पड़ता है। कोर्ट ने कहा था कि संपन्न और बाहुबलियों के खिलाफ पुलिस नख-दंतहीन बाघ बन जाती हैं। ऐसे लोग मामूली जुर्माना भरकर आसानी से छोड़ दिए जाते हैं और उनके वाहन भी वापस कर दिए जाते हैं।
शासन की ओर से चीफ सेक्रेटरी ने जवाब में कहा था कि इस बारे में लोगों को भी जागरूक होना होगा। सिविक सेंस जरूरी है। शासन अपने स्तर पर कड़ाई के साथ ही नियमों का पालन करा रहा है। लोगों में जागरूकता अभियान हर थाने स्तर पर चलाए जा रहे हैं। कलेक्टर और एसपी की ओर से इसके लिए अलग से पत्र जारी किए जा रहे हैं। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि गैर जिम्मेदार और खतरे में डालने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है ताकि आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें।
भूपेश के स्वागत में 15 कारों में युवाओं का स्टंट



