रायगढ़। जिला कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह एवं महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह 31 जनवरी तक मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाना, नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करना है। वहीं राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर आयोजित 11 दिवसीय महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी सुरक्षा, पुलिस सहायता, शिक्षा, डिजिटल सुरक्षा, स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं, कौशल विकास एवं सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रायगढ़ तेजी से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है, जिससे यातायात का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में सडक़ सुरक्षा नियमों का पालन और अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सडक़ दुर्घटनाएं तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करने तथा मोबाइल फोन के प्रयोग के कारण होती हैं। उन्होंने केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा सडक़ सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने महिला सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा पर विशेष सतर्कता आवश्यक है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसके सकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में वाहनों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नियमों का पालन करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने महिला सुरक्षा पर कहा कि महिला समाज की रीढ़ है। जब महिला सुरक्षित होती है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र सुरक्षित होता है। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा और महिला सुरक्षा केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में सडक़ दुर्घटनाओं में जिन लोगों की मृत्यु हुई, उनमें सर्वाधिक संख्या दोपहिया वाहन चालकों की रही। तेज गति, बिना हेलमेट वाहन चलाना और लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवारजनों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में महिला थाना की स्थापना महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जहां महिलाएं अपनी शिकायतें सीधे और सुरक्षित रूप से दर्ज करा सकती हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिला उत्पीडऩ से जुड़े मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से सहयोग करेगी।
कार्यक्रम में रायगढ़ सीएसपी मयंक मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को सडक़ सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाई। उन्होंने सुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग, गति सीमा के पालन, हेलमेट व सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा सडक़ संकेतों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर राहवीर योजना अंतर्गत गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले चंद्रकुमार पटेल, कमलेश सिदार, हरिशंकर साव, दिलीप वैष्णव एवं विशीकेशन राठिया को सम्मानित किया गया। वहीं महिला सुरक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली श्रीमती जस्सी फिलिप, श्रीमती शिला देवी, श्रीमती पद्मावती पटेल, श्रीमती लक्ष्मी राठिया एवं श्रीमती उमा डनसेना को भी सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही ऑटो चालकों को पर्सनल आईडी एवं विशेष सीरियल नंबर प्रदान करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि सडक़ दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को रोकने और घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा राहवीर योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत जो भी व्यक्ति दुर्घटनास्थल से गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, उसे 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, डॉ. प्रियंका वर्मा, उप पुलिस अधीक्षक यातायात उत्तम प्रताप सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सडक़ सुरक्षा माह एवं महिला सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान का आगाज, सुरक्षित सडक़ और समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव-कलेक्टर
सडक़ दुर्घटनाओं में कमी और महिला सुरक्षा को सुदृढ़ करना अभियान का मुख्य उद्देश्य-पुलिस अधीक्षक, राज्यसभा सांसद, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना



