सारंगढ़

प्रेमिका से मिलने गए युवक की करंट से हुई थी मौत

सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 20 दिनों से लापता युवक का कंकाल और जली हुई हड्डियां मिली है। शिकारियों के करंट तार की चपेट में आने से युवक की मौत हुई थी। आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने शव को जला दिया। मामला बेलादुला चैकी क्षेत्र का है। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
युवक मनोज साहू (27) तेंदुदरहा गांव रात में अपनी प्रेमिका से मिलने गया था। लौटने के दौरान सुबह 4 बजे वह जंगल सुअर के शिकार के लिए लगाए करंट की चपेट में आ गया। हालांकि, जंगल में खून के धब्बे लगे हुए 3 डंडे भी मिले हैं। पुलिस अधिकारियों ने किसी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी। मनोज साहू 5 फरवरी से लापता था। इसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी। जांच के दौरान पुलिस को जंगल में खून के धब्बे और तीन लकड़ी के डंडे मिले, जिसमें भी खून लगा हुआ था। मौके पर डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक की टीम बुलाया गया।लेकिन युवक का कहीं पता नहीं चला।
20 दिन बीत जाने के बाद मुखबिर की सूचना पर 4 संदेहियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 5 फरवरी 2025 को रात करीब 12.00 बजे अपने गांव तेन्दुदरहा के खेत में करंट प्रवाहित तार लगाया था। जंगली सुअर (बरहा) की शिकार करने के लिए ये करंट लगाया गया था।
लगभग 04 बजे तार में किसी के फंसने से चिंगारी निकली। वहां जाकर देखे तो एक आदमी फंसकर मर गया था। डर से आरोपी राजेश सिंह नेताम युवक के शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में डालकर चिलमघाटी ले गया। रोड किनारे के खेत में रखे पैरावट में शव को डालकर आग लगाकर अपने घर वापस आ गया। दूसरे दिन फिर से बाइक से जाकर लकड़ी और पैरा डालकर पूरी तरह से लाश को जला दिया। आरोपियों के बयान के आधार पर चिलमघाटी के पास ग्राम पिरदा में शांतिबाई बिंझवार के खेत में जांच की गई।
पैरावट के अंदर मानव कंकाल और जली हुई हड्डी मिली। गुम इंसान मनोज कुमार साहू के चुड़े का हिस्सा मिलने पर सभी साक्ष्य को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। चारों आरोपी राजेश सिंह नेताम, गौरसिंह सिदार, भानुसिंह नेताम और चैन सिंह जगत को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी ग्राम तेंदुदरहा के रहने वाले हैं। घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर और अन्य सामान को भी जब्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार मृतक अपने गांव बैंगपाली से रात में अपने प्रेमिका से मिलने तेंदुदरहा गांव गया था। लौटने के दौरान वह शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आ गया। मृतक के परिजनों का कहना है कि युवक के साथ हुए असली घटना को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। आखिरकार जांच के दौरान जंगल में मिले खून के धब्बे और तीन डंडों में मिला खून किसका है? यह सबसे बड़ा सवाल है। क्या युवक के साथ कुछ दूसरी घटना हुई है? क्या इस डंडे से युवक की हत्या हुई है? इसकी जांच की मांग परिजनों ने की है। वहीं इस मामले में अधिकारियों ने अभी किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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