रायगढ़। राज्य शासन के अधीन कर्मचारियों का दर्जा और प्रोत्साहन राशि तथा क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत वृद्धि की मांग को लेकर मितानिनों ने प्रदेश स्तरीय आंदोलन का आगाज कर दिया हैं। जिसमें राज्य सरकार की गारंटी वाली घोषणा पत्र को ज्ञापन के माध्यय से याद दिलाते हुए राजस्थान सरकार की नीतियों से भी अवगत कराया। इस आंदोलन में जिले भर के सभी ब्लॉकों से हजारों की संख्या में मिनी स्टेडियम में आकर मितानिनों जिला मितानिन संघ के बैनर तले धरना-प्रदर्शन शुरू करते हुए अपनी हक की मांग को लेकर लामबंद हो गई है, जो 11 मार्च तक इनका आदोलन चलेगा।
उल्लेखनीय है कि जिला मितानिन संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बताया है कि छत्तीसगढ़ में संचालित मितानिन कार्यक्रम जिसमें मितानिन प्रशिक्षक, ब्लाक समन्वयक, स्वस्य पंचायत समन्वयक, एरिया कोआर्डिनेटर, हेल्प डेक्स फेसिलेटर है जो करीब 21 वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी सेवाएँ दे रही हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में शामिल किया जाये। क्योंकि अभी तक एनजीओ के माध्यम से इसे संचालित किया जा रहा है। साथ ही उनका कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहे जाने वाली मितानिन को 21 वर्षों का अनुभव एवं जमीनी स्तर पर कार्य करने के बावजूद मितानिन कार्यक्रम के सभी सदस्यों के द्वारा बहुत ही कम प्रोत्साहन राशि एवं क्षतिपूर्ति बेस पर कार्य लिया जाता है। जिससे इनको आर्थिक समस्या का भी सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही इनका दूसरी मांग यह है कि 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी वाले घोषणा पत्र में सरकार बनते ही मितानिनों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में जोडऩे का वादा किया गया था जो अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। साथ ही प्रोत्साहन क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत की वृद्धि करने के अलावा अलावा राजस्थान सरकार के द्वारा किए गए सरकारी करण से अवगत कराया है। ऐसे में मितानीनों ने कम प्रोत्साहन राशि को लेकर मार्मिक गुहार लगाते हुए मिनी स्टेडियम में दो सूत्रीय मांग पूरी करने को लेकर मिनी स्टेडियम में 11 मार्च तक प्रदर्शन करने की रूपरेखा तैयार की है। वहीं इस कड़ी धूप में पूरे जिलेभर से मितानिन हर दिन पहुंच रही है।
मितानिनों का पंाच दिवसीय आंदोलन शुरूदो सूत्रीय मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन



