बरमकेला। जपं प में 16 वें वित्त आयोग की कार्य योजना को लेकर घमासान तेज है। बैठक में भाजपा समर्थित 10 सदस्यों के बाहर चले जाने के बाद मौजूद सदस्यों के बहुमत से कार्य योजना प्रस्ताव पारित किया गया। मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष डॉ. विद्या किशोर चौहान के नाम से वित्तमंत्री ओपी चौधरी के समक्ष शिकायत की चर्चा है। सवाल है कि – आपत्ति थी तो बैठक में बिंदुवार विरोध क्यों नहीं किया गया ? कुछ सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र के बजाय दूसरे क्षेत्र की पंचायतों में राशि प्रस्तावित करने पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि – इससे संबंधित क्षेत्र का विकास प्रभावित होगा और इसके पीछे कमीशन का खेल हो सकता है। वहीं पहले भी इन्हीं 10 सदस्यों पर कोरम पूरा न होने देने का आरोप लगा था। तीन सदस्यों के लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई हुई या नहीं, यह भी सवालों में है? विवाद में जपं के सीईओ भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मांग है कि कार्य योजना, उपस्थिति, समर्थन-विरोध और बहिष्कार की प्रक्रियासार्वजनिक हो। वित्त मंत्री ने मिल कर चलने की बात कही है, पर जनता का सवाल है कि – चुने गए प्रतिनिधियों की प्राथ. विकास है या सियासत? पूरी कार्ययोजना और क्षेत्रवार स्वीकृत कार्यों की सूची सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है।
आनंद लुकापारा 2. 50 लाख, ठेंगागुड़ी 2 लाख, सांकरा 2 लाख,विश्वदेव भोई पूरेनपाली 4 लाख, डोंगरीपाली 2.50 लाख, अनिता प्रधान भठली 2 लाख, सुरसी 2.50 लाख, पोरथ 2 लाख। तुलसी पटेल शकरतुंगा 2.40 लाख, धौरादरहा 2 लाख, बीजामाला 2 लाख, लक्ष्मी चरण सिदार झाल 2.20 लाख, हट्टा पाली 2.20 लाख, छेलभांठा-तरकेला 2 लाख। राधा सिदार डभरा 6.40 लाख। कौशल्या नायक बार 6.20 लाख रजनी एक्का डभरा 2.40 लाख, पिपरखुंटा 2 लाख, छेलभांठा 2 लाख। चंदा मिरि गोबर सिंहा 5.20 लाख, कटंगपाली 60 हजार, मूंगलीपाली 60 हजार। गणेशी चौहान नावापाली 1 लाख, सिंघारी 2 लाख, बोरे 1 लाख, डुमरपाली 2.40 लाख। दीपमाला जांगड़े- कंडोला 4 लाख, जलगढ़ 2.40 लाख है।
बरमकेला जपं में कार्य योजना पर घमासान
10 सदस्य के बहिष्कार से गरमाई सियासत



