जशपुरनगर। शहर के बीचों-बीच स्थित सती उद्यान तालाब और पार्क का अब कायाकल्प किया जाएगा। शहरवासी इसे डोंगा तालाब के नाम से भी जानते हैं। राज्य सरकार की ओर से परियोजना के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए की तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद नगर पालिका ने निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तालाब के लिए 4.17 करोड़ रुपए की तकनीकी स्वीकृति दी गई है। इससे पहले जशपुर शहर के विकास के लिए सती तालाब समेत अन्य कार्यों के लिए 4.30 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद परियोजना को तकनीकी स्वीकृति के चरण में 4.17 करोड़ रुपए की राशि मिली। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि शहरवासी लंबे समय से सती उद्यान तालाब के कायाकल्प की मांग कर रहे थे। पालिका ने लोगों की मांग को देखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। महाराजा चौक के पास स्थित यह तालाब धार्मिक आस्था के साथ शहर की रोजमर्रा की जरूरतों से भी जुड़ा है। शहर के जलस्तर को बनाए रखने में भी इसकी भूमिका बताई जाती है। फिलहाल तालाब में जलीय खरपतवार का काफी फैलाव है। लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण इसकी जलधारण क्षमता भी प्रभावित हुई है।
परियोजना के तहत तालाब का पानी पूरी तरह खाली किया जाएगा। इसके बाद जलीय खरपतवार और गाद की सफाई कर तालाब का गहरीकरण किया जाएगा। भविष्य में दोबारा जलीय खरपतवार के अधिक फैलाव को रोकने के लिए उचित उपचार भी किया जाएगा।
तालाब के साथ सती उद्यान पार्क का भी जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके लिए घाट, पाथवे, पेवर ब्लॉक, टो वॉल, रिटर्निंग वॉल, पौधारोपण, हाईमास्ट लाइट और सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सती उद्यान और तालाब शहरवासियों की आस्था के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। यहां शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव स्मृति छठ घाट के साथ शक्ति पूजा स्थल भी है। शारदेय नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। तालाब के किनारे वृक्ष गंगा स्थित है, जबकि पार्क में समाधि स्थल भी है। गम्हरिया स्थित अघोरपीठ के स्थापना दिवस पर यहां विशेष पूजा-अर्चना किए जाने की जानकारी दी गई है।
पार्क के जीर्णोद्धार के बाद शत्रुंजय प्रताप सिंह जूदेव की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। वे जशपुर राज परिवार के सदस्य और नगर पालिका जशपुर के पूर्व उपाध्यक्ष थे। अध्यक्ष अरविंद भगत ने बताया कि शहर के विकास में उनके योगदान को यादगार बनाने के लिए प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। परियोजना में तालाब गहरीकरण और सिल्ट सफाई, बाउंड्रीवाल व फेसिंग, टो वॉल व पिचिंग, पौधारोपण, पेवर ब्लॉक पाथवे, घाट व पक्की सीढिय़ों की मरम्मत, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सिटिंग चेयर, वाटर फिल्टर, हाईमास्ट और सोलर लाइट के काम शामिल हैं। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत के मुताबिक, निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और छठ पूजा के बाद तालाब के जीर्णोद्धार का काम शुरू किया जाएगा।
सती उद्यान तालाब का 4.17 करोड़ से होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री ने दी स्वीकृति



