जशपुरनगर। शहर के पास झरगांव में वन विज्ञान केंद्र बनाया जाएगा। इसके साथ ही तपकरा में एक सर्प ज्ञान केंद्र भी तैयार किया जा रहा है। इन केंद्रों का मकसद वन संरक्षण और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) अरुण पांडे ने अपने दो दिवसीय जशपुर दौरे के दौरान इन केंद्रों की रूपरेखा पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जशपुर और जगदलपुर में वन विज्ञान केंद्र बनाने का फैसला किया है। जशपुर का वन विज्ञान केंद्र झरगांव में स्थापित होगा। स्थल चयन के बाद सीसीएफ ने वन मंडल कार्यालय में बैठक कर प्रस्तावित केंद्र की रूपरेखा तय की।
अरुण पांडे ने तपकरा वन परिक्षेत्र का भी दौरा किया, जहां सर्प ज्ञान केंद्र प्रस्तावित है। पहले यहां स्नेक पार्क बनाने का प्रस्ताव था, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे बदलकर सर्प ज्ञान केंद्र बनाने का फैसला लिया गया है। इस सर्प ज्ञान केंद्र में असली सांप नहीं होंगे। इसके बजाय, सांपों के प्रतिरूप (मॉडल) के जरिए लोगों को सांपों की प्रजातियों, उनके व्यवहार और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी।
इससे जिले में सांपों को लेकर फैले अंधविश्वास दूर होंगे। यह सर्पदंश का शिकार हुए लोगों की जान बचाने और सांपों के अस्तित्व को बनाए रखने में मदद करेगा। अरुण पांडे ने सन्ना वन परिक्षेत्र के पंडरापाठ और तपकरा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को वन क्षेत्र की गतिविधियों और वन्य जीवों की हलचल पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण, वनों को आग से बचाने और पौधारोपण जैसी गतिविधियों में आम लोगों के साथ मिलकर काम करने को भी कहा। बैठक में सीसीएफ ने कहा कि वन और वन्य जीवों को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए आम लोगों का सहयोग आवश्यक है।ं
जशपुर में बनेगा वन विज्ञान और सर्प ज्ञान केंद्र, असली सांप नहीं होंगे
मॉडल से मिलेगी वैज्ञानिक जानकारी, सीसीएफ ने रूपरेखा पर चर्चा की



