रायपुर। सराफा कारोबारी से जेवर बनाने के नाम पर 150 ग्राम फाइन गोल्ड लेकर कारीगर के फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपी पहले कारोबारी से सोना लेकर जेवर बनाकर समय पर वापस करता था। इसी वजह से कारोबारी का उस पर भरोसा बन गया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर कारीगर सोना लेकर पश्चिम बंगाल चला गया और इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। टिकरापारा निवासी तापस सामंत करीब 20 वर्षों से ज्वेलरी कारोबार से जुड़े हैं। उनकी मां महालक्ष्मी ज्वेलरी वर्कशॉप के नाम से बुढ़ापारा स्थित सोनी सदन के पास दुकान है। शुभांकर हलदर उनके यहां ज्वेलरी कारीगर के तौर पर काम करता था।
तापस के मुताबिक, शुभांकर पहले कई बार फाइन गोल्ड लेकर जेवर तैयार करता और वापस कर देता था। इसलिए उस पर विश्वास था। 15 अप्रैल 2026 को शुभांकर ने दुकान से 150 ग्राम फाइन गोल्ड जेवर बनाने के लिए लिया। 18 अप्रैल को कारोबारी ने फोन कर जेवर के बारे में पूछा। शुभांकर ने बताया कि अभी जेवर तैयार नहीं हुए हैं। उसने कहा कि पश्चिम बंगाल के नादिया में रहने वाली उसकी मां की तबीयत खराब है और उसे गांव जाना पड़ सकता है। लौटने के बाद वह जेवर बनाकर दे देगा।
20 अप्रैल को शुभांकर मां की तबीयत खराब होने की बात कहकर चला गया। इसके बाद उसने कारोबारी से संपर्क नहीं किया। तापस ने उसके दोनों मोबाइल नंबरों पर कॉल किया, लेकिन दोनों बंद मिले। काफी समय तक सोना वापस नहीं मिलने पर कारोबारी ने आरोपी की तलाश शुरू की। पूछताछ में पता चला कि शुभांकर रायपुर से फरार हो गया है। काफी कोशिश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। तापस ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि शुभांकर ने विश्वास में लेकर 150 ग्राम फाइन गोल्ड लिया और उसे वापस किए बिना फरार हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब आरोपी के मोबाइल नंबर, संपर्कों और पश्चिम बंगाल में उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सोने की बरामदगी के साथ आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
सराफा-कारोबारी का 150 ग्राम सोना लेकर कारीगर फरार
कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस



