रायगढ़। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम और चोरी होने की शिकायतें सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। साइबर टीम ने इन शिकायतों की जांच करते हुए 37.50 लाख रुपए से ज्यादा कीमत के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल में वीवो, वनप्लस, सैमसंग समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के बाद एसएसपी के माध्यम से बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर डीएसपी शिखर मरावी की निगरानी और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम सीईआईआर पोर्टल पर मिली शिकायतों की लगातार जांच कर रही थी।
पिछले तीन महीनों में टीम ने 150 मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। ये मोबाइल रायगढ़ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे लोगों से संपर्क किया और उनसे मोबाइल वापस लिए। इसके बाद जरूरी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए।
37.50 लाख से ज्यादा के मोबाइल वापस
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 150 मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत 37 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा है। मोबाइल वापस मिलने वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने काफी समय पहले अपना फोन खो दिया था और उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी।
मोबाइल गुम होते ही थाने में शिकायत करें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से मोबाइल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। साथ ही सीईआईटार पोर्टल पर मोबाइल का आईएमआईई नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक और ट्रेस करने के लिए रिपोर्ट करें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल खोजने में आसानी होती है। पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर किसी को कोई मोबाइल फोन मिला है तो उसका इस्तेमाल न करें। उसे तुरंत पुलिस के हवाले करें।
मोबाइल गुम होने पर ये काम जरूर करें
मोबाइल गुम या चोरी होने पर बिना देरी किए थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ सीईआईआर पोर्टल पर आईएमआईई नंबर दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करें। अगर मोबाइल में बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट जुड़े हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए तुरंत पासवर्ड बदलें और जरूरी सुरक्षा उपाय करें।



