बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा स्थापना, कमीशनिंग एवं अनुरक्षण कार्यों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 22 अगस्त 2026 को बिलासपुर स्थित महाप्रबंधक कार्यालय भवन के तृतीय तल के सम्मेलन कक्ष में जोनल सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ‘सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में स्थापना, कमीशनिंग एवं अनुरक्षण कार्यों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना’ रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे थे। इस अवसर पर प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री गोवर्धन प्रसाद खूंटे सहित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी तथा सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की भूमिका को रेल परिचालन की संरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सिग्नलिंग एवं अन्य संरक्षा से जुड़े उपकरणों का प्रभावी संचालन, नियमित अनुरक्षण तथा समयबद्ध खराबी निवारण संरक्षित एवं निर्बाध रेल परिचालन के लिए आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन तकनीकी प्रणालियों के रखरखाव में आत्मनिर्भरता, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार को निरंतर बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सेमिनारों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभवों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान होता है, जिससे विभाग की तकनीकी क्षमता एवं कार्यकुशलता को और मजबूत किया जा सकता है।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में तकनीकी क्षमता बढ़ाने, इन-हाउस अनुरक्षण को मजबूत करने, बाहरी निर्भरता को कम करने तथा संरक्षा, विश्वसनीयता, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में विभिन्न मंडलों में किए जा रहे कार्यों के वास्तविक अनुभवों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा किया गया।
सेमिनार में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, कवच, मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर, स्वचालित सिग्नल प्रणाली, आईपीआईएस तथा डाटा लॉगर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणालियों से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग की डिजाइन एवं ड्राइंग, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग एवं कमीशनिंग, कवच की इंस्टॉलेशन एवं कमीशनिंग तथा विभिन्न मेक के मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर से संबंधित कार्य शामिल रहे।
इसके साथ ही स्वचालित सिग्नल प्रणाली में कार्य-अवधि कम करने, आईपीआईएस के लिए स्थल-विशिष्ट सॉफ्टवेयर के विकास एवं अपलोडिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के इन-हाउस अनुरक्षण एवं आवश्यक संशोधन, डाटा लॉगर में इन-हाउस लॉजिक जनरेशन, वायरिंग एवं डाटा इंटीग्रेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में इन-हाउस फॉल्ट रेक्टिफिकेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में तकनीकी प्रस्तुतियों के साथ विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक चर्चा तथा विभिन्न मंडलों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों एवं वास्तविक कार्य-अनुभवों को साझा किया गया। इस दौरान सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में तकनीकी क्षमता को और मजबूत करने, बाहरी निर्भरता को कम करने तथा संरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय तरीके से निष्पादित करने की दिशा में आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
समापन सत्र में ‘सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे की कार्ययोजना’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें आत्मनिर्भरता, तकनीकी क्षमता निर्माण, नवाचार एवं उत्कृष्टता के लिए आवश्यक कदमों पर व्यापक चर्चा हुई। इसके पश्चात प्रमुख निष्कर्ष एवं कार्ययोजना बिंदु साझा किए गए। सेमिनार में 11 तकनीकी प्रस्तुतियां, तीन तकनीकी सत्र एवं रोडमैप टू सिग्नल एवं दूरसंचार सेल्फ-रिलायंस विषय पर ग्रैंड पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। इस दौरान सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में आत्मनिर्भरता, क्षमता निर्माण एवं तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में आगे की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। यह जोनल सेमिनार सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने तकनीकी ज्ञान, अनुभव एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को साझा करने का प्रभावी मंच प्रदान करने के साथ-साथ संरक्षित, विश्वसनीय एवं निर्बाध रेल परिचालन के लिए विभागीय तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा आत्मनिर्भरता पर जोनल सेमिनार का आयोजन
स्थापना, कमीशनिंग एवं अनुरक्षण कार्यों में आत्मनिर्भरता, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर हुआ मंथन



