रायगढ़। जिले में आगामी बोर्ड परीक्षा के परिणामों में गुणात्मक सुधार और विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि बढ़ाने के उद्देश्य से ‘यशस्वी पुसौर’ के तहत मिशन 100 कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी द्वारा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर करने के दिए गए निर्देशों के परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू के मार्गदर्शन तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी पुसौर भुवनेश्वर पटेल के नेतृत्व में यह दो दिवसीय कार्यशाला कोड़ातराई स्थित पायोनियर पब्लिक स्कूल परिसर में 18 एवं 19 अगस्त को आयोजित हुई।
कार्यशाला में पुसौर विकासखंड की 25 शासकीय एवं 6 अशासकीय शालाओं में कक्षा 10वीं एवं 12वीं का अध्यापन कराने वाले कुल 330 व्याख्याताओं ने सहभागिता की। विषयवार आयोजित कार्यशाला में व्याख्याताओं को बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेरिट सूची तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीतियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
हर स्कूल का परिणाम 100 प्रतिशत करने पर जोर
मिशन 100 के तहत विकासखंड की सभी शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में कक्षा 10वीं और 12वीं का शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए प्रत्येक विषय की विषयवार कार्ययोजना तैयार की गई। कार्यशाला में निर्णय लिया गया कि जिन विद्यार्थियों की सीखने की गति अपेक्षाकृत धीमी है, उनका 25 अगस्त तक चिन्हांकन कर अभिलेख संधारित किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षण, अतिरिक्त कक्षाएं, नियमित अभ्यास और सतत पालक संपर्क को प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रत्येक माह उनकी प्रगति से अवगत कराया जाएगा। साथ ही पिछले पांच वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास, परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने तथा विद्यार्थियों की नियमित प्रगति की समीक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में स्पष्ट किया गया कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की स्थिति का आकलन कर उसके अनुरूप शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना मिशन 100 की सफलता का प्रमुख आधार होगा।
मेरिट सूची में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को पहुंचाने की कार्ययोजना
शत-प्रतिशत परिणाम के साथ ही कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को अधिकतम संख्या में मेरिट सूची तक पहुंचाने की रणनीति भी तैयार की गई। अच्छे प्रदर्शन की क्षमता रखने वाले विद्यार्थियों का चयन कर उनका पृथक अभिलेख तैयार किया जाएगा तथा उनके लिए मेंटोर नियुक्त किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को विषयवार विशेष मार्गदर्शन देने के साथ प्रतिदिन अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी। पाठ्यक्रम की रूपरेखा और प्रश्नपत्र के स्वरूप के अनुरूप अध्ययन कराया जाएगा। विद्यार्थियों को साप्ताहिक परीक्षाओं में शामिल करने, मासिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा करने, पालकों को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी देने तथा विगत पांच वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने जैसी गतिविधियों को नियमित शिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।
दो दिनों में विषयवार हुआ प्रशिक्षण
18 अगस्त को कक्षा 10वीं के हिंदी, अंग्रेजी एवं सामाजिक विज्ञान तथा कक्षा 12वीं के हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल एवं वाणिज्य विषय के व्याख्याताओं को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं 19 अगस्त को कक्षा 10वीं के संस्कृत, गणित, विज्ञान एवं व्यावसायिक शिक्षा तथा कक्षा 12वीं के गणित, जीवविज्ञान, रसायन, भौतिकी एवं व्यावसायिक शिक्षा विषय के व्याख्याताओं ने कार्यशाला में सहभागिता की।
अनुभवी शिक्षकों ने साझा किए प्रभावी शिक्षण के तौर-तरीके
कार्यशाला में विशेष मार्गदर्शक अनिल गुप्ता, प्राचार्य, सेजेस पुसौर भागीरथी प्रधान, व्याख्याता गढ़उमरिया रूपेश चौधरी तथा मास्टर ट्रेनर्स ने विषयवार मार्गदर्शन प्रदान किया। मास्टर ट्रेनर के रूप में सुधीर शर्मा, पुष्पांजलि दासे, झनक राम चौधरी, अमिताभ पटेल, कमलेश जायसवाल, सुलेखा दास पंडा, युगल किशोर पटेल, बाबूलाल साहू, संजय गुप्ता, प्रणीत शर्मा, मनोहर देहरी, दयानंद पटेल, अनुराधा पटेल, पुरुषोत्तम साहू, ओम प्रकाश शर्मा, आनंद कुमार पटेल, नरेंद्र देवांगन, हेमा पटेल, दुर्गावती पांडेय, आर.पी. साव, विनीता सिदार, नैमिष पाणिग्राही, गजानंद पटेल, ए.के. निषाद, श्रीधर पटेल, जितेंद्र पटेल, सुरेंद्र चौहान, ज्योति मेहर, खेमराम चौधरी, लक्ष्मी नारायण प्रधान, श्वेता ढोबले, भारती पाणी, एम.के. जाना एवं नरेंद्र कुमार प्रधान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यशाला के सफल आयोजन में पायोनियर पब्लिक स्कूल के संचालक सनत चौधरी एवं विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों ने एक साझा कार्ययोजना के साथ आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने और पुसौर विकासखंड को मिशन 100 के लक्ष्य तक पहुंचाने का संकल्प लिया।



