रायगढ़। जिला राजस्व कमाने में प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल है। खनिज संपदा से लेकर उद्योगों तक, सरकारी खजाने में करोड़ों की राशि पहुंचती है। लेकिन इसी समृद्ध जिले के घरघोड़ा में शासन के अपने ही कार्यालय और कर्मचारी कॉलोनियां ऐसी हालत में हैं कि बारिश आते ही सरकारी व्यवस्था की छत से पानी टपकने लगता है।
यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि घरघोड़ा के कई शासकीय भवनों और कर्मचारी आवासों की जमीनी हकीकत है। तहसील कार्यालय, कृषि विभाग, आरईएस, जल संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग और वन विभाग जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में भवनों की जर्जर स्थिति कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दिनों में कई जगह छत से पानी टपकने की शिकायत सामने आती है। जिन सरकारी कार्यालयों में जनता की समस्याओं और विकास योजनाओं की फाइलें तैयार होती हैं, वहां बारिश के दौरान
कर्मचारियों की प्राथमिकता बदल जाती हैकृ
कहीं बाल्टी रखी जाती है, कहीं पानी से दस्तावेज बचाने की कवायद होती है और कहीं छत पर तिरपाल का सहारा लिया जाता है। व्यंग्यात्मक सवाल यह है कि क्या अब सरकारी भवनों के रखरखाव के लिए ‘बारिश से बचाव मिशन’ शुरू करना पड़ेगा?
शिक्षक कॉलोनी, वन विभाग कॉलोनी, पुलिस विभाग कॉलोनी, जल संसाधन विभाग कॉलोनी और कर्मचारी कॉलोनी में भी जर्जर आवासों को लेकर कर्मचारियों और उनके परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश में छत से पानी टपकना, दीवारों में सीलन और भवनों की खराब हालत के बीच कई परिवार छत पर तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं।



