पत्थलगांव। नगर के रायगढ़ रोड़ में स्थित सरकारी शराब दुकान के बगल में बना झोपडीनुमा शासकीय अहाता स्थानीय जनता के साथ पूरे इलाके के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है एक ओर जहां न इस अहाते में सफाई की व्यवस्था है और न ही किसी प्रकार के प्रसाधन सुविधा सहित अनेकों समस्या यहां व्याप्त है सबसे बड़ी बात है कि पर्दा ढकने की वजह से अंदर बैठे सुराप्रेमियों की गोपनीयता भंग होती है जिससे यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है जो वर्तमान में अहाता है वह भगवान भरोसे टिका हुआ है। जिससे आने वाले समय मे लोग आंदोलन की भी तैयारी कर रहे हैं। जहां ग्राहकों को मिलने वाली अतिरिक्त व्यवस्था की बात क्या की जाए तो छोटे से सामान तक की कीमत आसमान छू रही है है लेकिन सुविधा के नाम पर ग्राहकों के साथ पूरा ढकोसला किया गया है जिससे आमजन के साथ ग्रामीण भी परेशान हैं यहां तक बिना पहले पैसे दिए कोई भी समान तो क्या एक डिस्पोजल गिलास भी नही दिया जाता। पूरी तरह मनमानी की जाती है जिससे जनता भारी परेशानी को झेलने के लिए मजबूर होती है जिसका सुनने वाला कोई नही। आबकारी सहित प्रशासन को इस दिशा में कोई मतलब होता दिखाई नही दे रहा है।लेकिन नगर में जनता के सामने लंबे समय से शराब उपभोग करने मशक्कत करनी पड़ती है। जिस अहाते में नाममात्र की भी सुविधा उपलब्ध नही है। जैसे तैसे लोग मजबूरी में यहां मदिरा का रसपान करने को मजबूर हैं जिनकी ओर ध्यान देने वाला कोई नही है और अव्यवस्था चरम पर है लेकिन इससे प्रशासन को कोई लेना देना नही है जबकि इस आशय की शिकायत उच्चाधिकारियों को कई दफा नागरिकों द्वारा लिखित में भेजी जा चुकी है लेकिन आज तक कार्रवाई अपेक्षित है।
लगातार होता है यातायात बाधित
सडक़ के ठीक किनारे में झोंपड़ीनुमा आहाता होने के कारण सभी गाडिय़ां इधर उधर खड़ी कर दी जाती है जिससे जगह न होने के कारण यातायात बाधित रहता है जिसमें रायगढ़ रोड़ में स्थित होने की वजह से अक्सर देखा जाता है कि बार बार ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न होती है जिससे ट्रक की लंबी लंबी कतारें लग जाती है जिससे भारी अव्यवस्था फैलती है जो लंबे समय से जारी है जिससे नागरिकों को परेशानी से दो-चार होना पड़ता है लेकिन इस ओर भी ध्यान देने वाला कोई नही है जो समस्या जस की तस बनी हुई है जिससे कई बार इस रोड़ में सडक़ हादसे आम बात बन चुका है। देखा जाए तो जिस दिन से यहां आहाता खोला गया है जहां अव्यवस्था के अलावे लोगों को सुविधा उपलब्ध नही हो पा रही है जिससे शासन की उक्त व्यवस्था से सुराप्रेमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कार्रवाई न होने से लोग विरोध का मन बना रहे हैं अब देखना है कि कई शिकायतों के बाद आबकारी विभाग और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है यह देखने वाली बात होगी।
महंगे दाम एवं घटिया किस्म के बेचे जाते हैं चखना
देखा जाए तो अहाता में किसी भी प्रकार के चखना चौ गुने दाम पर बेचा जा रहा है जिससे ग्राहक परेशान हैं खासकर ग्रामीण ग्राहकों द्वारा ऐसी स्थिति के लिए जब संचालक से विरोध किया जाता है तो उसमें भी ग्राहकों से अभद्रता की जाती है जहां डिस्पोजल गिलास को 5 रुपए की दर से बेच दिया जा रहा है 20 रुपए में 10 रुपए बराबर भी चखना समान नही दिया जाता है। वहीं यहां बिकने वाले फल सड़े किस्म के होते हैं साथ ही चिकन, मछली फ्रीज मे रखकर दो -तीन दिन पुराने मांस को खुले रूप में बेचा जाता है जबकि यह आहाता नियम के विरुद्ध है जिससे अंदर का वातावरण भी दूषित रहता है लेकिन लोग मजबूरी में यहां बैठने को लाचार हैं क्योंकि उनके पास इसके अलावे कोई चारा नही है जो परेशानी से कम नही है लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नही दिया गया जो भारी विडंबना है।



