सारंगढ़। बरमकेला मार्ग पर माधोपाली स्थित लातनाला में तीन दिन पूर्व हुए भयावह हादसे का बुधवार को अत्यंत दुखद अंत हुआ।रविवार शाम करीब 5:30 बजे घोठला बड़े गांव के पूर्व सरपंच देव नारायण पटेल अपनी पत्नी सविता के साथ कार से घर लौट रहे थे माधोपाली के पास स्थित पुराने जर्जर पुल पर नाले का पानी उफान पर था। इसी दौरान पुल पार करते समय तेज बहाव में उनकी कार अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की टीम ने तत्काल खोज अभियान शुरू किया। हालांकि, लगातार बारिश और तेज जलबहाव के कारण शुरुआती दो दिनों तक कार का कोई सुराग नहीं मिल सका।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पंजाब से विशेष रूप से प्रशिक्षित गोता खोरों और रेस्क्यू विशेषज्ञों को बुलाया।आधुनिक उपकरणों और भारी मशक्कत के बाद लगभग 72 घंटे चले इस मैराथन ऑपरेशन के अंत में बुधवार को उफनते नाले से जलमग्न कार को बाहर निकाल लिया गया। ?कार के भीतर से देव नारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव बरामद किए गए। तीन दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण शवों में विघटन प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, जिसके चलते रेस्क्यू टीम को अत्यधिक सतर्कता बरतनी पड़ी। घटना की पुष्टि होते ही घोठला बड़े सहित पूरे अंचल में मातम पसर गया। तीन दिनों से दंपत्ति कीसुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठे परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई तथा घटनास्थल पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
इस दर्दनाक हादसे ने जर्जर पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पें गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आक्रोश है कि – नया पुल बनने के बावजूद पुराने और खतरनाक हो चुके पुल से आवागमन पूरी तरह बंद नहीं किया गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी व प्रशासनिक जांच जारी है। जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई एवं पुलिस कप्तान सुनील शर्मा जब तक डूबे लोगों का पता नहीं चला तब तक लात नाला में मौजूद रहे। इस पूरे खोज बीन का दुखद पहलू सरकारी एजेंसी की रही जो 48 घंटे तक लात नाला में उक्त वाहन एवं पटेल परिवार की तलाश कर रहे थे।प्रतिक पटेल ने बताया कि – जब आदमी अपना जान बचाना चाहता है तो वह सरकारी अस्पताल में भर्ती होने के बजाय निजी अस्पताल में भर्ती होता है।ठीक वैसे ही प्रतिक पटेल के कहने पर पंजाब से याकूब पठान की टीम को 3 लाख रुपए में बुलाया गया जो 8 घंटे के भीतर में वाहन और पटेल परिवार की डेड बॉडी रेस्कु करने में सफल रहे।
3 दिन चले रेस्क्यू के बाद पू. सरपंच दम्पत्ति का शव बरामद, क्षेत्र में शोक की लहर



